अमेरिका में गूंजी गाजियाबाद के डॉक्टर की सर्जरी विशेषज्ञता, डॉ. विजय एस. पांडे ने रोबोटिक सर्जरी पर प्रस्तुत किया शोध

-फ्लोरिडा में सोसायटी ऑफ रोबोटिक सर्जन्स के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ता के रूप में हुए शामिल, दुनिया के विशेषज्ञों के सामने साझा किया अनुभव
-रोबोटिक तकनीक से जटिल हर्निया के उपचार और पेट की दीवार के पुनर्निर्माण पर दिया वैज्ञानिक व्याख्यान, नई शल्य चिकित्सा पद्धति की जानकारी दी
-अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञता का बढ़ा मान, रोबोटिक और हर्निया सर्जरी के क्षेत्र में डॉ. पांडे के योगदान को मिली नई पहचान

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। चिकित्सा के क्षेत्र में गाजियाबाद के लिए गौरव की एक और उपलब्धि सामने आई है। शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विजय एस. पांडे ने अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित प्रतिष्ठित सोसायटी ऑफ रोबोटिक सर्जन्स (एसआरएस) के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर वक्ता हिस्सा लेकर रोबोटिक शल्य चिकित्सा और हर्निया के जटिल उपचार के क्षेत्र में अपने शोध एवं अनुभव को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने जटिल हर्निया के उपचार तथा पेट की दीवार के पुनर्निर्माण से संबंधित अपनी आधुनिक शल्य चिकित्सा पद्धति और अनुभव साझा किए। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. पांडे का वक्ता के रूप में चयन भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञों की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाता है। उन्होंने अपने वैज्ञानिक व्याख्यान में रोबोटिक तकनीक के माध्यम से जटिल हर्निया के उपचार में अपनाई जा रही आधुनिक विधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. विजय एस. पांडे की इस उपलब्धि को भारतीय रोबोटिक शल्य चिकित्सा और हर्निया उपचार के क्षेत्र के लिए भी गौरवपूर्ण माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच अपने शोध और चिकित्सकीय अनुभव प्रस्तुत करने से भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञता को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है। सोसायटी ऑफ रोबोटिक सर्जन्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर वक्ता के रूप में शामिल होना डॉ. पांडे के चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर बढ़ते योगदान को दर्शाता है। विशेष रूप से रोबोटिक शल्य चिकित्सा, जटिल हर्निया उपचार और पेट की दीवार के पुनर्निर्माण के क्षेत्र में उनके अनुभव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा किया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. पांडे का यह अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतीकरण भारतीय चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणादायक है। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपनाने, शोध एवं अनुभव को साझा करने और वैश्विक चिकित्सा समुदाय के साथ ज्ञान का आदान-प्रदान करने से भारत में रोबोटिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। फ्लोरिडा में आयोजित सम्मेलन में डॉ. विजय एस. पांडे द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक व्याख्यान ने न केवल उनके व्यक्तिगत चिकित्सकीय योगदान को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, बल्कि भारतीय रोबोटिक शल्य चिकित्सा और हर्निया उपचार की विशेषज्ञता को भी वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया।

रोबोटिक तकनीक से जटिल हर्निया के उपचार का साझा किया अनुभव
डॉ. विजय एस. पांडे ने अपने व्याख्यान में नाभि और पेट की सामने वाली दीवार में होने वाले जटिल हर्निया के उपचार पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने रोबोटिक तकनीक के माध्यम से ऐसे जटिल मामलों के सफल उपचार में अपने अनुभव को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक रोबोटिक शल्य चिकित्सा तकनीक के माध्यम से जटिल हर्निया के उपचार में चिकित्सकों को अधिक सटीकता के साथ काम करने में सहायता मिलती है। अपने प्रस्तुतीकरण में उन्होंने रोबोटिक ईटीईपी और रिव्स-स्टॉप्पा शल्य चिकित्सा पद्धति के उपयोग से जटिल नाभि एवं पेट की दीवार के हर्निया के उपचार के अनुभव प्रस्तुत किए। डॉ. पांडे ने अपने व्याख्यान के दौरान मरीजों के उपचार से जुड़े अनुभवों और अपनाई गई आधुनिक शल्य चिकित्सा रणनीति को भी साझा किया। उनके प्रस्तुतीकरण में जटिल मामलों के उपचार के दौरान चिकित्सकीय योजना, तकनीक के इस्तेमाल और पेट की दीवार के पुनर्निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने रखा गया।

पेट की दीवार के पुनर्निर्माण में नई शल्य चिकित्सा पद्धति पर जोर
सम्मेलन में डॉ. पांडे ने पेट की दीवार के पुनर्निर्माण के क्षेत्र में अपने अनुभव और आधुनिक शल्य चिकित्सा दृष्टिकोण के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने जटिल मामलों में पेट की कमजोर या क्षतिग्रस्त दीवार को दोबारा मजबूत बनाने के लिए अपनाई जाने वाली तकनीकों और अपने चिकित्सकीय अनुभव को विशेषज्ञों के साथ साझा किया। उनके प्रस्तुतीकरण में रोबोटिक शल्य चिकित्सा के माध्यम से जटिल मामलों को संभालने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर यह बताया कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के समन्वय से जटिल हर्निया के उपचार में बेहतर परिणाम प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। फ्लोरिडा में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से रोबोटिक शल्य चिकित्सा के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर भारतीय चिकित्सक के रूप में डॉ. पांडे का शोध एवं अनुभव प्रस्तुत करना चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।