पासपोर्ट लोक अदालत: गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय में ‘ईज ऑफ सर्विस’ मॉडल लागू

-नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और भरोसेमंद पासपोर्ट सेवा देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: अनुज स्वरुप
-क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी की सक्रिय कार्यशैली से आवेदकों को मिल रही राहत
– संवाद, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय से सुलझे लंबित मामले
-जनकेंद्रित प्रशासन मॉडल के रूप में उभर रहा गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। हापुड़ चुंगी स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में गुरुवार को आयोजित पासपोर्ट लोक अदालत केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह नागरिक सेवाओं को लेकर प्रशासन की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप, भारतीय विदेश सेवा की सक्रिय नेतृत्व क्षमता और जनहित केंद्रित कार्यप्रणाली ने इस पहल को विशेष रूप से सफल बनाया। लोक अदालत के दौरान अनुज स्वरूप ने औपचारिकता से हटकर सीधे आवेदकों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने प्रत्येक लंबित मामले की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, संवाद और त्वरित निर्णय क्षमता स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जिसने आवेदकों में विश्वास और संतोष का माहौल बनाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ऐसे नागरिक पहुंचे जिनके पासपोर्ट आवेदन विभिन्न कारणों से लंबित थे। कई आवेदक महीनों से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन लोक अदालत के माध्यम से उनकी समस्याओं का तेजी से निस्तारण किया गया। अनुज स्वरूप ने अधिकारियों से कहा कि पासपोर्ट सेवा नागरिकों के जीवन, रोजगार, शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवा है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय, भारत सरकार की मंशा के अनुरूप पासपोर्ट सेवाओं को पूरी तरह नागरिक हित में सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। उनका स्पष्ट संदेश था कि प्रशासन का उद्देश्य केवल प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि नागरिकों को भरोसेमंद सेवा अनुभव प्रदान करना है।  अनुज स्वरुप की कार्यशैली की विशेषता यह रही कि उन्होंने शिकायतों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संबंधित शाखाओं के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समाधान की प्रक्रिया को तत्काल आगे बढ़ाया। कई मामलों में दस्तावेज सत्यापन, तकनीकी त्रुटि या प्रक्रिया संबंधी अड़चनों को मौके पर ही दूर किया गया। इससे नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। लोक अदालत के दौरान उन्होंने आवेदकों को सही दस्तावेज जमा करने, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का सही उपयोग करने और समयसीमा का पालन करने के बारे में भी जागरूक किया। उनका मानना है कि प्रशासन और नागरिक दोनों की सहभागिता से ही सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

आवेदकों ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी की सरल, सहज और सकारात्मक कार्यशैली की खुलकर सराहना की। कई लोगों ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी का स्वयं संवाद करना और समस्याओं को प्राथमिकता देना प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाने वाला कदम है। नागरिकों के अनुसार यह पहल सरकारी सेवाओं में मानवीय दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
अनुज स्वरुप ने कहा कि गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भविष्य में भी सेवा सुधार की दिशा में नए प्रयास करता रहेगा। डिजिटल प्रणाली को मजबूत करना, शिकायत निवारण को तेज करना और पारदर्शिता को प्राथमिकता देना उनकी कार्ययोजना का प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को बिना परेशानी और निर्धारित समय में पासपोर्ट उपलब्ध कराना ही विभाग की सफलता का वास्तविक मापदंड है।

अनुज स्वरुप की नेतृत्व शैली प्रशासनिक दक्षता और संवेदनशीलता का संतुलित उदाहरण प्रस्तुत करती है। उनकी पहल से पासपोर्ट कार्यालय केवल सेवा केंद्र नहीं, बल्कि नागरिकों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद मंच बनता जा रहा है। गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की यह पहल दर्शाती है कि जब प्रशासनिक नेतृत्व सक्रिय और उत्तरदायी हो तो सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता स्वत: बेहतर हो जाती है। अनुज स्वरुप की कार्यशैली ने यह संदेश दिया है कि सुशासन का आधार केवल नियम नहीं, बल्कि नागरिकों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण भी है।