-यमुना अथॉरिटी बनेगी देश की सबसे बड़ी इंडस्ट्रियल ग्रोथ कॉरिडोर: आरके सिंह
-2041 मास्टर प्लान से चार जिलों में विस्तारित विकास, नए अर्बन सेंटर और स्मार्ट विलेज की मजबूत नींव
-एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और बड़े उद्योगों से रोजगार के नए अवसर तैयार
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना अथॉरिटी ने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में इंडस्ट्रियल अथॉरिटी के रूप में स्थापित हुई है। अथॉरिटी ने उद्योगों पर फोकस बढ़ाया है। 3100 से अधिक कंपनियों को जमीन आवंटित हो चुकी है। 38 कंपनियों ने उत्पादन शुरू किया है। इस वित्तीय वर्ष में 400 कंपनियां शुरू करने की तैयारी है। कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। ईस्टर्न पेरीफेरल एवं यमुना एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बन रहा इंटरचेंज जुलाई तक शुरू हो जाएगा।
25 वर्ष पूरे होने पर सीईओ आरके सिंह ने प्रेसवार्ता करके विकास यात्रा से रूबरू करवाया। इस मौके पर एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, मनीष मीणा, राजेश कुमार भी मौजूद रहे। सीईओ ने बताया कि औद्योगिकरण एवं विकास की सम्भावनाओं के दृष्टिगत 2041 का मास्टर प्लान प्राधिकरण ने तैयार किया है। मास्टर प्लान 2041 फेज-1 का कुल क्षेत्रफल 769 वर्ग किलोमीटर है। मास्टर प्लान फेज-2 में 4 जनपद जनपद-अलीगढ, हाथरस, मथुरा एवं आगरा सम्मलित है। इसको शासन ने अनुमति दे दी है। टप्पल -बाजना अर्बन सेन्टर की महायोजना तैयार करायी गयी, जिसका कुल अर्बनाईजेबल एरिया 11104 हैक्टेयर है। राया अर्बन सेन्टर मास्टर प्लान एवं हेरिटेज सिटी-यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण जनपद-मथुरा में राया के समीप राया नगरीय केन्द्र के विकास हेतु महायोजना तैयार करायी गयी, जिसका कुल अर्बनाईजेबल एरिया 11653.76 हैक्टेयर है।
यमुना प्राधिकरण द्वारा हाथरस अर्बन सेन्टर हेतु मास्टर प्लान 2041 क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर है। आगरा अर्बन सेन्टर मास्टर प्लान का एरिया 14000 हैक्टेयर है। सीईओ ने कहा कि कनेक्टिविटी की बात करें तो यमुना एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की कनेक्टविटी के साथ ही प्रदेश के अन्य एक्सप्रेसवे यथा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेसवे एवं गंगा एक्सप्रेसवे से जुड रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे पर इंन्टरचेज बनाकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है जिसके पूर्ण होने पर सम्पूर्ण एन.सी.आर क्षेत्र का आवागमन सुलभ हा जाएगा। रेल एवं रैपिड रेल कनेक्टविटी को लेकर भी महत्वर्पूण कदम उठाए जा रहे है।
सीईओ ने कहा कि अब तक 3116 औद्योगिक ईकाईयों की स्थापना के लिए औद्योगिक आवंटन किया गया है। इन उद्योगों की स्थापना से प्राधिकरण क्षेत्र में लगभग 50,000 हजार करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त होगा तथा 04 लाख लोगो को रोजगार की प्राप्ति होगी। वर्तमान तक प्राधिकरण द्वारा 2708 औद्योगिक ईकाईयों की स्थापना के लिए चैक लिस्ट जारी की जा चुकी है, जिसमें 2416 आवंटियों द्वारा लीज डीड कराई जा चुकी है। प्राधिकरण ने सेमीकण्डक्टर चिप बनाने के लिए मै0 इण्डिया चिप प्रालि, टैªक्टर और इसके पाट्र्स के निर्माण के लिए स्कार्ट कूबोटा, मै0 सी.एन.एच. इंडस्ट्रियल प्रा0 लि0 तथा सोलर पैनल बनाने हेतु मै0 सेल सोलर पी6 प्रा0 लि0 एवं मै0 सी.ई.एस.सी ग्रीन पावर लि0 तथा इलेक्ट्रानिक उत्पात बनाने के लिए मै हैवल्स इंडिया लि0, मै0 एसेन्ट के. सर्किट लि0, मै0 अम्बर इन्टप्राजेज लि0 तथा आटोपार्टस एवं वायरिंग हारनेस बनाने के लिए मै0 मिन्डा कारपोरेशन को तथा फूड पार्क की स्थापना हेतु मै0 पंतजलि आर्युवेद लिमिटेड को औद्योगिक भूखण्ड आवंटित किये गये है।
सीईओ ने कहा कि स्मार्ट विलेज के तहत ग्रामो का सेक्टरों की तर्ज पर स्मार्ट विलेज के रूप में विकास किया जा रहा है। प्रथम फेज में प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित क्षेत्र के 29 औद्योगिक नगरों को स्मार्ट विलेज के रुप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। 12 ग्रामो में स्मार्ट विलेज के प्रथम चरण के कार्य पूर्ण करा लिए गये है तथा वर्तमान में 07 ग्रामों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित किये जाने हेतु कार्य प्रगति में है। यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अन्तर्गत 220 केवी विभव क्षमता के विद्युत उपकेन्द्रो का निर्माण यू0पी0पी0टी0सी0एल0 विभाग से जमा मद योजना के अन्तर्गत कराया जा रहा है।
प्राधिकरण के 107 औद्यौगिक नगरी क्षेत्रों के अन्तर्गत स्कूलों के कायाकल्प के कार्य कराए हैं।अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय योजना में भी काम कराए गए। प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-33 में कौशल विकास केन्द्र विकसित करने हेतु निःशुल्क भूमि का आवंटन कौशल विकास विभाग उ0प्र0 शासन को किया गया है जहाॅ पर मै0 टाटा द्वारा स्किल डेवलोपमेंट सेन्टर/सेन्टर आॅफ एक्सिलेंस का निमार्ण सी.एस.आर. फंड से किया जा रहा है। यमुना सिटी के सेक्टरों में 30012 आवासीय भूखण्ड, 266 संस्थागत भूखण्ड, वाणिज्यिक उपयोग के लिए 96 दुकान/क्योस्क, भूखण्ड एवं 3116 औद्योगिक भूखण्ड का आवंटन किया गया है।
















