-पात्र दिव्यांगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता : रविंद्र कुमार माँदड़
-जिलाधिकारी ने किया शिविरों का ऐलान, सभी दिव्यांगजनों से भागीदारी की अपील
-तहसील, विकासखंड और नगर निकायों में 22 मई तक चलेगा विशेष अभियान
-जिलाधिकारी ने किया शिविरों का ऐलान, सभी दिव्यांगजनों से भागीदारी की अपील
-तहसील, विकासखंड और नगर निकायों में 22 मई तक चलेगा विशेष अभियान
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद गाजियाबाद में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों के चिन्हांकन (असेसमेंट) हेतु विशेष शिविरों का आयोजन 4 मई 2026 से शुरू किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करना है, ताकि उन्हें उनकी शारीरिक जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शिविरों में केवल चिन्हांकन और परीक्षण की प्रक्रिया होगी, जबकि उपकरणों का वितरण बाद में शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से शिविरों को जनपद की विभिन्न तहसीलों, विकासखंडों और नगर निकायों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से पहुंचकर लाभ ले सकें। सभी शिविर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
गाजियाबाद। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद गाजियाबाद में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों के चिन्हांकन (असेसमेंट) हेतु विशेष शिविरों का आयोजन 4 मई 2026 से शुरू किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों की वास्तविक आवश्यकता का आकलन करना है, ताकि उन्हें उनकी शारीरिक जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शिविरों में केवल चिन्हांकन और परीक्षण की प्रक्रिया होगी, जबकि उपकरणों का वितरण बाद में शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से शिविरों को जनपद की विभिन्न तहसीलों, विकासखंडों और नगर निकायों में आयोजित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से पहुंचकर लाभ ले सकें। सभी शिविर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 मई को तहसील लोनी परिसर से अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद 5 मई को तहसील गाजियाबाद सदर, 6 मई को तहसील मोदीनगर, 7 मई को विकासखंड लोनी, 8 मई को विकासखंड रजापुर, 11 मई को विकासखंड भोजपुर तथा 12 मई को विकासखंड मुरादनगर में शिविर लगाए जाएंगे। आगे 13 मई को नगर पंचायत डासना, 14 मई को फरीदनगर, 15 मई को पतला, 16 मई को नगर पालिका निवाड़ी, 18 मई को नगर पालिका मोदीनगर, 19 मई को नगर पालिका मुरादनगर, 20 मई को नगर पालिका लोनी, 21 मई को नगर पालिका खोड़ा-मकनपुर और 22 मई को नगर निगम मुख्यालय गाजियाबाद में अंतिम शिविर आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार माँदड़ ने बताया कि शिविर में भाग लेने वाले दिव्यांगजनों को अपने साथ दिव्यांग प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो तथा आय प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य होगा। ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों की वार्षिक आय 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों की आय 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनपद के सभी दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से अपील करते हुए कहा कि निर्धारित तिथि और स्थान पर समय से पहुंचकर शिविर में प्रतिभाग करें, ताकि पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ इसे सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
















