-खेल, निवेश और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संग गाजियाबाद बनेगा एनसीआर का मॉडल शहर: भानु चंद्र गोस्वामी
– पीपीपी मॉडल पर बनेगा 45 हजार दर्शक क्षमता वाला स्टेडियम, जीडीए-यूपीसीए की 50-50 साझेदारी
– हरनंदीपुरम टाउनशिप और एयरोसिटी परियोजना को गति, हजारों करोड़ की विकास योजनाओं पर मुहर
– 172वीं बोर्ड बैठक में 13 प्रस्ताव स्वीकृत, गाजियाबाद को विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के विकास इतिहास में गुरुवार का दिन महत्वपूर्ण साबित हुआ, जब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 172वीं बोर्ड बैठक में कई बड़ी और भविष्य तय करने वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। मेरठ मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजनगर एक्सटेंशन स्थित मोरटी क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण का रास्ता साफ हो गया। बोर्ड बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर विचार किया गया और सभी को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों के बाद गाजियाबाद को खेल, आवास, पर्यटन और आधुनिक शहरी विकास के नए युग में प्रवेश करने वाला शहर माना जा रहा है। बैठक का सबसे बड़ा और चर्चित निर्णय राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से जुड़ा रहा। जीडीए और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के संयुक्त प्रयास से यह स्टेडियम पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। करीब 33 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस स्टेडियम में लगभग 45 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। परियोजना पर लगभग 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद अब जीडीए और यूपीसीए के बीच जल्द ही मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। परियोजना में दोनों संस्थानों की भूमि, निर्माण और संचालन में 50-50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह स्टेडियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी करने में सक्षम होगा, जिससे गाजियाबाद को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और एयरोसिटी परियोजना को संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से खेल अवसंरचना, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, कॉमर्शियल गतिविधियों और शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे निजी निवेश आकर्षित होगा, रियल एस्टेट बाजार मजबूत होगा और गाजियाबाद निवेशकों की पहली पसंद बन सकता है। इस बार जीडीए बोर्ड बैठक मेरठ मंडलायुक्त सभागार के बजाय गाजियाबाद स्थित जीडीए सभागार में आयोजित की गई। मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने प्रधानमंत्री की ऊर्जा बचत अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकारियों के मेरठ आने-जाने में ईंधन की अनावश्यक खपत होती थी, इसलिए बैठक स्थानीय स्तर पर आयोजित की गई। कई वर्षों बाद जीडीए बोर्ड बैठक गाजियाबाद में आयोजित होने को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य गाजियाबाद को सुरक्षित, आधुनिक, निवेश-अनुकूल और विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि खेल अवसंरचना, आधुनिक आवासीय योजनाएं और स्मार्ट टाउनशिप परियोजनाएं आने वाले वर्षों में गाजियाबाद को एनसीआर के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल करेंगी। बैठक के दौरान विभिन्न हाईटेक एवं इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने विकास कार्यों की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित एजेंसियों को परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। जीडीए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी और समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह, जल निगम के प्रबंध निदेशक, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, एनसीआर सेल के चीफ कोऑर्डिनेटर प्लानर, यूपीसीडा प्रतिनिधि तथा बोर्ड सदस्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
गाजियाबाद को मिलेगा ‘स्पोर्ट्स सिटी’ का दर्जा
जीडीए की योजना केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं है। राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र को खेल आधारित शहरी विकास मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। स्टेडियम के आसपास आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें स्पोर्ट्स अकादमी, प्रशिक्षण केंद्र और खेल सुविधाओं का समावेश होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर में खेल प्रतिभाओं के लिए नया केंद्र बनेगी और युवा खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी।
एयरोसिटी टाउनशिप से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
क्रिकेट स्टेडियम के साथ ही जीडीए ने इसके आसपास एयरोसिटी थीम आधारित आधुनिक टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस टाउनशिप में वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स, होटल, मॉल, रेस्टोरेंट, रिटेल जोन, अस्पताल, संस्थागत क्षेत्र, स्कूल, खेल अकादमियां और आधुनिक आवासीय परिसर विकसित किए जाएंगे। स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र और डिजिटल सुविधाओं से लैस यह क्षेत्र भविष्य में गाजियाबाद का नया आर्थिक और पर्यटन केंद्र बन सकता है। जीडीए पहली बार लैंड पूलिंग मॉडल के माध्यम से जमीन लेने की तैयारी कर रहा है, जिसमें भूमि विकसित कर उसका एक हिस्सा भू-स्वामी को वापस दिया जाएगा।
हरनंदीपुरम टाउनशिप को मिली गति
बोर्ड बैठक में हरनंदीपुरम आवासीय योजना के दूसरे चरण के लिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया को भी मंजूरी प्रदान की गई। यह योजना गाजियाबाद की सबसे महत्वाकांक्षी आवासीय परियोजनाओं में शामिल है। दो चरणों में प्रस्तावित यह टाउनशिप कुल 521 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित होगी। पहले चरण में पांच गांवों की 336 हेक्टेयर भूमि किसानों की सहमति से ली जा रही है। अब दूसरे चरण के तहत भावापुर, मोरटा और शाहपुर निज-मोरटा गांव की 125.2874 हेक्टेयर भूमि किसानों से आपसी सहमति के आधार पर खरीदी जाएगी, जिस पर लगभग 2179.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत चौड़ी सड़कें, आधुनिक सीवरेज सिस्टम, ड्रेनेज नेटवर्क, पार्क, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य अवसंरचना तथा स्मार्ट अर्बन सुविधाओं का विकास प्रस्तावित है। अधिकारियों का कहना है कि हरनंदीपुरम भविष्य में गाजियाबाद की सबसे सुव्यवस्थित और आधुनिक टाउनशिप के रूप में विकसित होगी।
सन सिटी टाउनशिप की संशोधित डीपीआर पास
बैठक में सन सिटी टाउनशिप की संशोधित डीपीआर को भी मंजूरी दी गई। अब यह प्रस्ताव शासन को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। नई डीपीआर के अनुसार टाउनशिप लगभग 2420.11 एकड़ भूमि पर विकसित होगी। इसमें डासना, बयाना, नायफल, सादिकपुर काजीपुरा, सादतनगर इकला और रघुनाथपुर गांव की भूमि शामिल है। स्वीकृति मिलने के बाद यहां आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं शुरू होंगी, जिनसे लाखों लोगों को आवास के अवसर मिलेंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा।
विकास, रोजगार और पहचान-तीनों को मिलेगा लाभ
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एयरोसिटी, हरनंदीपुरम और सन सिटी जैसी परियोजनाएं केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि आर्थिक विकास की आधारशिला साबित होंगी। इन योजनाओं से पर्यटन, खेल उद्योग, रियल एस्टेट, होटल व्यवसाय, खुदरा बाजार और सेवा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। साथ ही गाजियाबाद की पहचान केवल औद्योगिक शहर से आगे बढ़कर आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में स्थापित होगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से लेकर विशाल आवासीय परियोजनाओं तक, ये निर्णय आने वाले दशक में शहर की भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदलने वाले माने जा रहे हैं।
















