-एनएचएआई और अथॉरिटी मिलकर बनाएंगे हाईटेक सड़क नेटवर्क
-हाईटेक सिटी परियोजना हटते ही खुला विकास का रास्ता
-ट्रैफिक जाम से राहत, व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली 105 मीटर चौड़ी सड़क को अब गंगा एक्सप्रेसवे तक विस्तार देने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा, जिससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे की दूरी महज 30 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी।
दो चरणों में होगा विस्तारइस परियोजना को सफल बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) मिलकर काम करेंगे। तय समझौते के अनुसार, जमीन अथॉरिटी उपलब्ध कराएगी, जबकि सड़क निर्माण की जिम्मेदारी NHAI की होगी। प्रथम चरण में जुनपत गांव से बील अकबरपुर तक करीब 5.5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। यह हिस्सा सीधे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) से कनेक्ट होगा। इसके लिए 118 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, जिसमें से अधिकांश हिस्सा अथॉरिटी के पास पहले से उपलब्ध है। द्वितीय चरण में ईस्टर्न पेरीफेरल से आगे यह सड़क न्यू नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज-2 से होते हुए हापुड़ बाईपास (NH-9) को जोड़ेगी। यहाँ से अगले 15 किलोमीटर का हिस्सा इसे सीधे गंगा एक्सप्रेसवे तक ले जाएगा। इस सड़क के निर्माण में लंबे समय से आ रही सबसे बड़ी बाधा ‘अंसल हाईटेक सिटी’ परियोजना थी। पहले समझौते के तहत बिल्डर को इस सड़क के लिए निशुल्क जमीन देनी थी, लेकिन बिल्डर जमीन खरीदने में विफल रहा। अब हाईटेक सिटी प्रोजेक्ट कैंसिल होने के बाद अथॉरिटी को जमीन अधिग्रहण करने में आसानी होगी, जिससे काम में तेजी आएगी।
किसे होगा फायदा?
नोएडा और ग्रेटर नोएडा: शहर के लोगों को प्रयागराज और मेरठ की ओर जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए शहर के ट्रैफिक से नहीं जूझना पड़ेगा।
न्यू नोएडा: दादरी-नोएडा-गाजियाबाद निवेश क्षेत्र (न्यू नोएडा) को एक सीधा और चौड़ा कॉरिडोर मिलेगा।
औद्योगिक विकास: ईस्टर्न पेरीफेरल और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी से माल ढुलाई और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
105 मीटर सड़क को गंगा एक्सप्रेसवे तक दो चरणों में विकसित किया जाएगा। जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अथॉरिटी की प्राथमिकता है और निर्माण कार्य NHAI द्वारा किया जाएगा। हाईटेक सिटी का मामला सुलझने से अब जमीन मिलने में कोई अड़चन नहीं आएगी।
— एनजी रवि कुमार, सीईओ, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी
















