पहली फ्रेटर उड़ान के साथ नोएडा एयरपोर्ट ने भरी व्यापारिक उड़ान, नोएडा बना उत्तर भारत का नया लॉजिस्टिक्स गेटवे

-20 टन कार्गो लेकर चेन्नई-नोएडा-चेन्नई के बीच सफल रही पहली मालवाहक उड़ान, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिली नई रफ्तार
-87 एकड़ में विकसित अत्याधुनिक कार्गो हब से ई-कॉमर्स, कृषि, दवा और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
-उत्तर भारत को मिलेगा नया लॉजिस्टिक्स गेटवे, वैश्विक व्यापार और निर्यात को मिलेगी मजबूत उड़ान

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। भारत के पहले एकीकृत मल्टी-मॉडल कार्गो हब ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपनी पहली घरेलू मालवाहक (फ्रेटर) उड़ान के सफल संचालन के साथ वाणिज्यिक परिचालन की शुरुआत कर दी है। एयर इंडिया सैट्स (AISATS) के मल्टी-मॉडल कार्गो हब (एमएमसीएच) से संचालित इस पहली उड़ान को एफ्कॉम होल्डिंग्स ने चेन्नई-नोएडा-चेन्नई मार्ग पर बोइंग 737-800एफ विमान के जरिए अंजाम दिया।

करीब 20 टन मिश्रित कार्गो लेकर पहुंची इस उड़ान में जल्द खराब होने वाले उत्पाद, वाहन कल-पुर्जे, मोबाइल डिवाइस और अन्य कंसोलिडेटेड शिपमेंट शामिल थे। यह उड़ान हब के एकीकृत कार्गो टर्मिनल की परिचालन क्षमता और तैयारियों का महत्वपूर्ण प्रदर्शन मानी जा रही है। करीब 87 एकड़ क्षेत्र में फैला यह मल्टी-मॉडल कार्गो हब 30 एकड़ के इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और 57 एकड़ के इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स जोन से मिलकर बना है। इसमें कार्गो हैंडलिंग, वेयरहाउसिंग, ट्रकिंग और डिजिटल कार्गो प्रबंधन प्रणालियों को एक मंच पर जोड़ा गया है, जिससे माल ढुलाई की प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी होगी।

एआईसैट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनाथन राजामणि ने कहा कि पहली फ्रेटर उड़ान का सफल संचालन भारत के कार्गो और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि समय के प्रति संवेदनशील होती आपूर्ति श्रृंखलाओं को देखते हुए एकीकृत लॉजिस्टिक्स अवसंरचना की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है और यह हब उसी जरूरत को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और उन्नत परिचालन क्षमताओं के जरिए यह केंद्र उत्तर भारत के कारोबारों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह हब जल्द खराब होने वाले उत्पादों, विशेषकर समुद्री खाद्य पदार्थों और कृषि उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों के उत्पादकों को उत्तर भारत के बड़े बाजारों तक तेज और भरोसेमंद पहुंच मिल सकेगी।

एफ्कॉम होल्डिंग्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दीपक परसुरामन ने कहा कि चेन्नई-नोएडा-चेन्नई फ्रेटर सेवा का संचालन कंपनी और देश के एयर कार्गो क्षेत्र दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि एआईसैट्स के साथ साझेदारी से परिचालन दक्षता और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी तथा ग्राहकों को तेज और सुगम सेवाएं मिल सकेंगी।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमन ने कहा कि पहली फ्रेटर उड़ान का सफल संचालन हवाई अड्डे को उत्तर भारत के प्रमुख लॉजिस्टिक्स गेटवे के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विनिर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि क्षेत्रों को इससे बेहतर कार्गो कनेक्टिविटी मिलेगी और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी। यह कार्गो हब जल्द खराब होने वाली वस्तुओं, दवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग उत्पादों, ई-कॉमर्स शिपमेंट और एक्सप्रेस कार्गो जैसी विभिन्न श्रेणियों की माल ढुलाई को संभालने में सक्षम होगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसकी रणनीतिक स्थिति इसे भारत के व्यापार और निर्यात क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स केंद्र बना सकती है।