-25-25 हजार के इनामी प्रेमी-प्रेमिका दबोचे गए, 968 ग्राम सोना और गलाने के उपकरण बरामद
-4.50 करोड़ की हाईप्रोफाइल चोरी में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किया अधिकांश सोना
-ठिकाने बदलकर बचते रहे आरोपी, रिश्तेदार को किया एक फोन और पुलिस ने बिछा दिया गिरफ्तारी का जाल
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) स्थित तनिष्क शोरूम में हुई करीब 4.50 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की हाईप्रोफाइल चोरी के मामले में गाजियाबाद पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक सप्ताह से फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी प्रेमी-प्रेमिका को कविनगर थाना पुलिस और स्वॉट टीम सिटी जोन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 968 ग्राम चोरी का सोना, सोना गलाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण तथा 5,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन एक रिश्तेदार को किया गया फोन उनकी गिरफ्तारी की वजह बन गया। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने एसीपी कोतवाली उपासना पाण्डेय, एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद की मौजूदगी में बताया कि 12 जून को आरडीसी स्थित तनिष्क शोरूम से करीब साढ़े चार करोड़ रुपये मूल्य के सोने की चोरी हुई थी। इस मामले में शोरूम संचालक रोहित अरोड़ा की शिकायत पर कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस, स्वॉट और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की पूरी साजिश शोरूम के कर्मचारी नितिन वर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। पुलिस ने 16 जून को नितिन वर्मा, उसकी महिला मित्र काजल वर्मा तथा उसके पिता संजय वर्मा को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 3.16 करोड़ रुपये मूल्य का चोरी किया गया सोना बरामद कर लिया था। हालांकि वारदात में शामिल चितरंजन उर्फ चिंटू और उसकी महिला मित्र सोनिया फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को दोनों आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके बाद कविनगर थाना पुलिस और स्वॉट टीम ने घेराबंदी कर मोदीनगर निवासी चितरंजन उर्फ चिंटू तथा सिहानी गेट थाना क्षेत्र के शिब्बनपुरा निवासी सोनिया को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके कब्जे से शेष बचा 968 ग्राम सोना, सोना गलाने के उपकरण और पांच हजार रुपये नकद भी बरामद कर लिए।
पूछताछ में चितरंजन ने बताया कि वह मोदीनगर में एक फास्ट फूड की दुकान पर काम करता था। उसे घूमने-फिरने और महंगी जीवनशैली का शौक था। सोनिया तलाकशुदा है और दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। वह सोनिया से शादी करना चाहता था, लेकिन आर्थिक तंगी और जल्द अमीर बनने की लालसा ने उसे अपराध के रास्ते पर धकेल दिया। इसी दौरान नितिन वर्मा ने उसे चोरी की योजना में शामिल किया और करोड़ों रुपये के सोने की चोरी को अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार चोरी के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे। तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने उनके मूवमेंट पर नजर रखी।
आखिरकार एक रिश्तेदार से संपर्क करने के दौरान उनकी लोकेशन ट्रेस हुई और दोनों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि इस सनसनीखेज चोरी के मामले में अब तक सभी प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा चोरी किए गए सोने का अधिकांश हिस्सा बरामद किया जा चुका है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए सोने को गलाकर बेचने की कोई अतिरिक्त साजिश तो नहीं थी और क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे।















