-एयरोसिटी को मिलेगी रफ्तार, एयरपोर्ट के आसपास विकसित होंगे फाइव स्टार होटल, मल्टीप्लेक्स और कॉर्पोरेट सेंटर
-यमुना प्राधिकरण ने तैयार किया कमर्शियल विकास का मास्टर प्लान, कई सेक्टरों में बढ़ेगी निवेश की रफ्तार
-रोजगार, पर्यटन और कारोबार को मिलेगा नया आयाम, एक्सप्रेसवे पर दिखेगी विश्वस्तरीय स्मार्ट सिटी की झलक
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की तैयारियों के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने पूरे एयरपोर्ट क्षेत्र को उत्तर भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। एयरपोर्ट के आसपास प्रस्तावित एयरोसिटी परियोजना को गति देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बड़े पैमाने पर होटल, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, कॉर्पोरेट ऑफिस, बिजनेस सेंटर, रेस्टोरेंट, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन स्थलों का विकास किया जाएगा। प्राधिकरण का लक्ष्य इस पूरे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस आधुनिक स्मार्ट कमर्शियल सिटी के रूप में स्थापित करना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के शुरू होते ही यात्रियों, निवेशकों, उद्योगपतियों और पर्यटकों की बड़ी संख्या इस क्षेत्र में पहुंचेगी। इसी संभावित मांग को ध्यान में रखते हुए यमुना प्राधिकरण ने एयरपोर्ट के आसपास आधुनिक एयरोसिटी विकसित करने की व्यापक योजना तैयार की है।
इस परियोजना के तहत एयरपोर्ट से सटे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय होटल, लग्जरी शॉपिंग डेस्टिनेशन, मनोरंजन केंद्र, कॉर्पोरेट कार्यालय और व्यावसायिक परिसरों का निर्माण किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-30, 31, 23ए, 23बी, 23सी, 23डी, 23ई, 7 और 8 में पहले से ही व्यावसायिक भूमि उपयोग निर्धारित किया जा चुका है। अब इन सेक्टरों में योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्लानिंग विभाग को विशेष डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उद्देश्य यह है कि यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को एक सुव्यवस्थित, आकर्षक और विश्वस्तरीय शहर का अनुभव मिले, जो भविष्य के आधुनिक भारत की तस्वीर प्रस्तुत करे।
एयरपोर्ट क्षेत्र में फाइव स्टार, फोर स्टार और बजट श्रेणी के होटल विकसित किए जाएंगे, ताकि देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को उनकी आवश्यकता और बजट के अनुरूप आवासीय सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही बड़े शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट, रेस्टोरेंट, कैफे, मनोरंजन पार्क और फैमिली एंटरटेनमेंट सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी यह क्षेत्र एक प्रमुख व्यावसायिक और मनोरंजन केंद्र बनकर उभरेगा। यमुना प्राधिकरण का मानना है कि एयरपोर्ट के आसपास कमर्शियल गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्र में निवेश की गति कई गुना बढ़ेगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने कार्यालय स्थापित करने में रुचि लेंगी, जिससे कॉर्पोरेट सेक्टर का विस्तार होगा। साथ ही होटल, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, परिवहन, निर्माण और सेवा क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी।
किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सफलता केवल विमान सेवाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसके आसपास विकसित होने वाला व्यावसायिक और औद्योगिक इकोसिस्टम भी उसकी पहचान बनता है। यही कारण है कि यमुना प्राधिकरण एयरपोर्ट के साथ-साथ एक आधुनिक एयरोसिटी विकसित करने पर विशेष जोर दे रहा है। भविष्य में यहां अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियां, बिजनेस कॉन्फ्रेंस, कॉर्पोरेट मीटिंग, पर्यटन गतिविधियां और बड़े व्यावसायिक आयोजन भी आयोजित किए जा सकेंगे। यमुना प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास कमर्शियल हब विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। संबंधित सेक्टरों के लिए योजनाबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
उन्होंने कहा कि एयरोसिटी परियोजना केवल व्यावसायिक विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे आधुनिक शहरी नियोजन, बेहतर यातायात व्यवस्था, हरित क्षेत्र, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत का प्रमुख निवेश, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ेगा। प्राधिकरण की यह महत्वाकांक्षी योजना आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने के साथ-साथ लाखों लोगों के लिए नए अवसरों के द्वार भी खोलेगी।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)
यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र अब केवल औद्योगिक विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक एयरोसिटी और ग्लोबल कमर्शियल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट के आसपास बनने वाले होटल, मॉल, मल्टीप्लेक्स, बिजनेस सेंटर और मनोरंजन सुविधाएं इस क्षेत्र की नई पहचान बनेंगी। हमारा लक्ष्य ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, जो निवेशकों को आकर्षित करे, स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करे और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को देश के सबसे आधुनिक शहरी विकास मॉडल के रूप में स्थापित करे।
शैलेंद्र भाटिया
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ)
यमुना प्राधिकरण















