- पासपोर्ट लोक अदालत में लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण, आवेदकों ने की पारदर्शी व्यवस्था की सराहना
- नागरिकों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद सेवाएं देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: अनुज स्वरुप
- पासपोर्ट सेवा दिवस-2026 पर आवेदकों को मिला सम्मान, शिकायतों के समाधान के साथ स्मृति चिन्ह देकर बढ़ाया आत्मीय जुड़ाव
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। नागरिकों को त्वरित, पारदर्शी और भरोसेमंद पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में हापुड़ चुंगी स्थित में गुरुवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज किया है। गुरुवार को आयोजित पासपोर्ट लोक अदालत में बड़ी संख्या में पहुंचे आवेदकों की वर्षों से लंबित शिकायतों और पासपोर्ट संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर उनका मौके पर ही प्रभावी एवं संतोषजनक निस्तारण किया गया। पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप, भारतीय विदेश सेवा ने स्वयं किया और प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। लोक अदालत के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप ने उपस्थित आवेदकों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी पात्र आवेदक का मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे तथा सभी प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उनके निर्देशों के बाद विभिन्न लंबित मामलों की फाइलों की मौके पर ही समीक्षा की गई और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया। जिन मामलों में अतिरिक्त प्रक्रिया अपेक्षित थी, उनमें भी निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लोक अदालत में पहुंचे आवेदकों ने इस व्यवस्था की खुलकर सराहना की। उनका कहना था कि एक ही स्थान पर अधिकारियों से सीधे संवाद करने और समस्याओं का त्वरित समाधान मिलने से उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़े। कई आवेदकों ने इसे नागरिकों के हित में शुरू की गई एक प्रभावी और सराहनीय पहल बताया। पारदर्शी कार्यप्रणाली, सहज संवाद और त्वरित निर्णय प्रक्रिया ने लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप ने कहा कि विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी अनावश्यक विलंब के निर्धारित मानकों के अनुरूप पासपोर्ट सेवा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए तथा सेवा वितरण की गुणवत्ता में लगातार सुधार किया जाए, जिससे नागरिकों का विश्वास और मजबूत हो।
अनुज स्वरुप ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की जनहितकारी पहलें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान हो सके और नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जवाबदेही के माध्यम से पासपोर्ट सेवाओं को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाया जा रहा है। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक आवेदक के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करते हुए उसकी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण पासपोर्ट सेवा दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह भी रहा। इस दौरान लोक अदालत में पहुंचे आवेदकों को स्मृति स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल शिकायतों का समाधान करना ही नहीं, बल्कि नागरिकों के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करना तथा उन्हें बेहतर सेवा अनुभव प्रदान करना भी रहा।
स्मृति चिन्ह प्राप्त कर आवेदकों ने प्रसन्नता व्यक्त की और पासपोर्ट कार्यालय की इस अनूठी पहल की सराहना की। पूरे आयोजन के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता से सुना जाए और उसका समाधान नियमानुसार किया जाए। सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनकेंद्रित दृष्टिकोण ने यह संदेश दिया कि क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, गाजियाबाद केवल दस्तावेज जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को सहज, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरुप के नेतृत्व में आयोजित यह पासपोर्ट लोक अदालत न केवल लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण का प्रभावी मंच बनी, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही को भी नई मजबूती प्रदान करने वाली पहल के रूप में सामने आई। जनसुविधा और सुशासन की दिशा में यह आयोजन भविष्य में भी नागरिक हितों को केंद्र में रखकर किए जाने वाले प्रयासों की एक प्रेरक मिसाल माना जा रहा है।















