रोजगार की फैक्ट्री बनने की राह पर यमुना सिटी, 160 कंपनियों को जमीन, अब उत्पादन की बारी

-सीईओ आरके सिंह ने बनाई नई रणनीति, चार ओएसडी करेंगे निगरानी
-23 कंपनियों में निर्माण जारी, जल्द दर्जनों नई इकाइयों में शुरू होगा काम
-सेक्टर-33 बनेगा प्रदेश का बड़ा गारमेंट हब, महिलाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के सेक्टर-33 में विकसित हो रहे अपैरल पार्क में औद्योगिक गतिविधियों को तेज करने के लिए यमुना प्राधिकरण ने नई रणनीति बनाई है। पार्क में 160 कंपनियों को जमीन आवंटित की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल एक इंडस्ट्री ही उत्पादन शुरू कर पाई है। ऐसे में प्राधिकरण ने निर्माण और संचालन की प्रगति की निगरानी के लिए चार ओएसडी (विशेष कार्याधिकारी) को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि लंबित परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।

यमुना प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे इस अपैरल पार्क में अब तक 160 कंपनियों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें से 133 कंपनियां अपना लीज प्लान जमा कर चुकी हैं, जबकि 114 कंपनियों ने रजिस्ट्री करा ली है। चेकलिस्ट जारी होने के बावजूद 16 कंपनियों ने अभी तक रजिस्ट्री नहीं कराई है। वहीं, प्राधिकरण 99 कंपनियों को उनके आवंटित प्लॉट पर कब्जा भी दे चुका है। इसके बावजूद पार्क में फिलहाल केवल एक औद्योगिक इकाई ही संचालित हो रही है। वर्तमान में 23 कंपनियां अपनी यूनिटों का निर्माण करा रही हैं। निर्माण कार्य में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से उद्योगों का संचालन शुरू कराने के उद्देश्य से यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की है। इसके तहत पूरे अपैरल पार्क की निगरानी चार ओएसडी की अगुवाई में की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी अपने जिम्मेदारी वाले हिस्से की नियमित समीक्षा करेगा और परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखेगा। आवंटियों से संवाद कर दूर की जाएंगी समस्याएंओएसडी अभिषेक शाही ने आवंटियों से सीधे संवाद शुरू कर दिया है।

उनका कहना है कि जिन कंपनियों का निर्माण कार्य लंबित है, उनकी समस्याओं की पहचान कर उनका जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 23 कंपनियों में निर्माण कार्य चल रहा है और इस महीने के अंत तक करीब 35 कंपनियों में निर्माण शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों की नियमित समीक्षा के माध्यम से सभी अड़चनों को दूर कर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। महिलाओं के लिए रोजगार के बढ़ेंगे अवसरअपैरल पार्क में रेडीमेड गारमेंट उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक रहती है। उद्योग शुरू होने के बाद आसपास के गांवों की महिलाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलने की संभावना है।

यमुना प्राधिकरण का प्रयास है कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास के साथ स्थानीय लोगों की भागीदारी भी बढ़े। यीडा सीईओ आरके सिंह ने कहा कि सेक्टर-33 में विकसित हो रहे अपैरल पार्क में कंपनियों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में 23 कंपनियों का निर्माण कार्य चल रहा है और जल्द ही अन्य कंपनियां भी निर्माण शुरू करेंगी।