-महापौर ने एक साथ 11 परियोजनाओं का किया शिलान्यास,
-सड़क, नाली, नाले, पार्क और इंटरलॉकिंग निर्माण से कई वार्डों को मिलेगी बड़ी राहत
-विकास कार्यों की गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता, अब हर परियोजना की होगी टेस्टिंग: सुनीता दयाल
-स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर पार्षदों से किया आह्वान, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के दिए निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर के समग्र विकास को नई गति देते हुए महापौर सुनीता दयाल ने शुक्रवार को करीब 9 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। नारियल फोड़कर कार्यों का शुभारंभ करते हुए महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल नई परियोजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि प्रत्येक वार्ड में समान रूप से गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के हर क्षेत्र को बेहतर सड़क, नाली, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं।
शिलान्यास कार्यक्रम में पार्षद कन्हैया लाल, सुनील यादव, ओम प्रकाश ओड़, राजकुमार, प्रीति जैन, कविता भाटी, मनोज पाल, थान सिंह, अभिनव जैन, दीपक राघव, राकेश कुमार, राहुल यादव, प्रवीण भाटी, ओमवीर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान संबंधित क्षेत्रों के लोगों ने लंबे समय से लंबित विकास कार्यों के शुरू होने पर खुशी जताई। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम लगातार शहर के सभी वार्डों में विकास कार्य करा रहा है।
जिन क्षेत्रों में किसी कारणवश कार्य शेष रह गए थे, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर नई परियोजनाओं में शामिल किया गया है, ताकि किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव न हो और सभी क्षेत्रों को समान रूप से विकास का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में सड़क, नाली, पार्क, नाले और इंटरलॉकिंग टाइल्स से जुड़े कार्य तेजी से स्वीकृत किए जा रहे हैं तथा उनका शिलान्यास और निर्माण कार्य लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर और टिकाऊ सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से अब विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। महापौर ने बताया कि नगर निगम विभिन्न विकास कार्यों का निर्माण अधिकृत वेंडरों के माध्यम से कराता है, लेकिन कई बार कार्यों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें प्राप्त होती हैं। ऐसी शिकायतों पर नगर निगम तत्काल कार्रवाई करता है, किंतु अब गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्यों की तकनीकी टेस्टिंग भी कराई जाएगी। इससे निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच होगी तथा मानकों से समझौता करने वाले ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महापौर ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में नियमित भ्रमण कर जनता की समस्याएं सुनने, निर्माण कार्यों की निगरानी करने और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण निकट है और यदि सभी जनप्रतिनिधि तथा नागरिक मिलकर प्रयास करेंगे तो गाजियाबाद इस बार बेहतर रैंक हासिल करने में सफल होगा। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में जनभागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रशासनिक व्यवस्था। नगर निगम लगातार नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार कर रहा है, जिससे लोगों को बेहतर यातायात, जल निकासी और स्वच्छ वातावरण जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। शिलान्यास किए गए प्रमुख कार्यों में वार्ड-30 स्वर्ण जयंतीपुरम बी ब्लॉक में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से पार्क निर्माण, वार्ड-25 अंबेडकर नगर में लगभग 39 लाख रुपये से नाली एवं इंटरलॉकिंग कार्य, वार्ड-99 वैभव खंड स्थित कृष्णा अपरा गार्डन में करीब 1.40 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सुधार एवं आरसीसी नाला निर्माण, वार्ड-83 श्याम पार्क एक्सटेंशन में लगभग 1 करोड़ रुपये से सड़क निर्माण तथा वार्ड-42 बम्हेटा में करीब 15 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त वार्ड-42 कृष्णा विहार मानसरोवर पार्क कॉलोनी में लगभग 17 लाख रुपये की लागत से सड़क एवं नाली निर्माण, वार्ड-1 बागू क्रिश्चियन नगर की आंतरिक गलियों का लगभग 48 लाख रुपये से निर्माण, वार्ड-38 अर्थला के क्षतिग्रस्त मुख्य मार्ग का लगभग 1.35 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण तथा वार्ड-7 आदर्श कॉलोनी में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से नाली एवं इंटरलॉकिंग टाइल्स निर्माण कार्य भी शामिल हैं। सबसे बड़ी परियोजनाओं में वार्ड-86 राजेंद्र नगर सेक्टर-5 स्थित राधेश्याम पार्क एवं गंगा बैंक्वेट रोड का लगभग 1.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण तथा राजेंद्र नगर चुना भट्टी रोड का लगभग 2.15 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण प्रमुख है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से हजारों स्थानीय नागरिकों को बेहतर यातायात सुविधा, जलभराव से राहत और आधारभूत ढांचे में उल्लेखनीय सुधार मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम भविष्य में भी इसी प्रकार विकास कार्यों की गति बनाए रखेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन से गाजियाबाद आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा तथा नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम लगातार प्रतिबद्ध रहेगा।















