- बिजनौर में आबकारी विभाग का एक्शन मोड, अवैध शराब माफियाओं पर कसा शिकंजा, लाइसेंसी दुकानों को भी सख्त चेतावनी
- नवागत जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह की कार्यशैली से विभाग में बढ़ी जवाबदेही, दिन-रात हो रही औचक कार्रवाई
- जंगलों में छापेमारी कर 2000 किलो लहन और 50 लीटर कच्ची शराब बरामद, आबकारी निरीक्षकों की सक्रियता आई नजर
- तस्करी, अवैध शराब और नियम तोडऩे वालों पर जीरो टॉलरेंस, लाइसेंसी दुकानों को भी ऑनलाइन बिक्री और अनुशासन के सख्त निर्देश
उदय भूमि संवाददाता
बिजनौर। जनपद बिजनौर में अवैध शराब के कारोबार, बाहरी राज्यों से होने वाली तस्करी और लाइसेंसी दुकानों पर अनियमितताओं के खिलाफ आबकारी विभाग ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। जिले में नवागत जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह के कार्यभार संभालने के बाद विभाग की कार्यशैली में स्पष्ट बदलाव दिखाई देने लगा है। महज एक माह के भीतर उन्होंने न केवल अवैध शराब के कारोबारियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है, बल्कि पूरे विभाग को जवाबदेह और सक्रिय बनाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए हैं। उनकी कार्यशैली के चलते आबकारी निरीक्षक भी लगातार फील्ड में उतरकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। करीब एक माह पूर्व जनपद की कमान संभालने वाले जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने सबसे पहले जिले की स्थिति का गहन अध्ययन किया और इसके बाद एक व्यापक रणनीति तैयार की। उन्होंने प्रत्येक आबकारी निरीक्षक की जिम्मेदारी तय करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को क्षेत्र में नियमित भ्रमण, औचक निरीक्षण और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला आबकारी अधिकारी की कार्यशैली विभाग के लिए नई ऊर्जा का संचार करती दिखाई दे रही है।
सरकारी बैठकों तक सीमित रहने के बजाय वह स्वयं दिन और रात किसी भी समय लाइसेंसी शराब दुकानों का औचक निरीक्षण करते हैं। कई बार बिना पूर्व सूचना के चेकिंग अभियान का जायजा लेने निकल पड़ते हैं। उनके इसी सक्रिय नेतृत्व का असर अब पूरे जिले में देखने को मिल रहा है। आबकारी निरीक्षक भी लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। शनिवार को इसी क्रम में आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-5 नगीना देवेश कुमार सोती ने बढ़ापुर थाना पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर कुआंखेड़ा खदरी के जंगलों में दबिश दी। छापेमारी के दौरान लगभग 2000 किलोग्राम लहन और 50 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। मौके पर ही लहन को नष्ट कराया गया, जबकि बरामद अवैध शराब को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया कि विभाग अब अवैध शराब के निर्माण स्थलों तक पहुंचकर जड़ से कार्रवाई करने की रणनीति पर काम कर रहा है। उधर आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 नजीबाबाद त्रिवेणी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में टीम ने किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चिडिय़ापुर, बेगावला और शाहपुरा रतन में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्थान से अवैध शराब की बरामदगी नहीं हुई, लेकिन टीम ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें अवैध शराब के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी।
लोगों से अपील की गई कि यदि कहीं भी अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की सूचना मिले तो तत्काल आबकारी विभाग को अवगत कराएं। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी विभाग की कार्रवाई केवल अवैध शराब तक सीमित नहीं है। जिला आबकारी अधिकारी के निर्देश पर जिले की देसी शराब, कंपोजिट और मॉडल शॉप का भी लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दुकानों का संचालन शासन की गाइडलाइन के अनुरूप हो। कहीं भी ओवररेटिंग, बिना बिल बिक्री या अन्य अनियमितता न हो। शराब विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक बोतल की बिक्री पॉश मशीन से स्कैन करने के बाद ही की जाए तथा अधिक से अधिक डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाए।
इसके साथ ही दुकानदारों को ग्राहकों के साथ शालीन व्यवहार करने की हिदायत दी गई है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दुकान के आसपास किसी भी व्यक्ति को शराब पीने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन सुनिश्चित करना भी है। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने कहा कि जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है, ताकि अवैध शराब जैसी सामाजिक बुराई पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि विभाग की टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं और जनपद में कानून व्यवस्था तथा सुरक्षित शराब बिक्री व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर अभियान चलाती रहेंगी।

















