-450 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से निगम कर रहा निर्माण एवं विध्वंस कचरे का निस्तारण
-कलेक्शन प्वाइंट और निगम की सुविधा का अधिक से अधिक प्रचार करने के निर्देश
-निर्माण कार्य पूरा होते ही साइट से सीएंडडी वेस्ट हटाने के लिए ठेकेदारों को सख्त हिदायत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने और निर्माण एवं विध्वंस सामग्री (सीएंडडी वेस्ट) के बेतरतीब निस्तारण पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बुधवार को निर्माण एवं संपत्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर सीएंडडी वेस्ट के कलेक्शन और निस्तारण की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सड़कों, सार्वजनिक स्थलों अथवा निर्माण स्थल पर सीएंडडी वेस्ट पड़ा दिखाई नहीं देना चाहिए। इसके लिए निर्माण विभाग को नियमित मॉनिटरिंग करने और लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम की ओर से शहर में घरों, प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों से सीएंडडी वेस्ट उठाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। निगम द्वारा 450 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से सीएंडडी वेस्ट हटाने और उसके निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस सुविधा की जानकारी अधिक से अधिक शहरवासियों तक पहुंचाई जाए, ताकि लोग निर्माण एवं विध्वंस सामग्री को सड़कों या खाली सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने के बजाय निगम की निर्धारित व्यवस्था का इस्तेमाल करें। बैठक के दौरान संपत्ति विभाग की टीम ने नगर निगम द्वारा संचालित सीएंडडी वेस्ट प्लांट और शहर में बनाए गए कलेक्शन प्वाइंट की जानकारी नगर आयुक्त को दी। वहीं निर्माण विभाग की टीम ने सभी जोन में सीएंडडी वेस्ट कलेक्शन बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। नगर आयुक्त ने रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि कलेक्शन की व्यवस्था को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक जोन में इसका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
नगर आयुक्त ने कहा कि सीएंडडी वेस्ट के उचित निस्तारण को लेकर शहरवासियों को जागरूक करना बेहद जरूरी है। इसके लिए निगम के कलेक्शन प्वाइंट, सीएंडडी वेस्ट उठाने की प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने निर्माण विभाग और संपत्ति विभाग की टीम को आपसी समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण सामग्री के अवैध निस्तारण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने निर्माण विभाग के ठेकेदारों को भी सख्त निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद कार्यस्थल पर सीएंडडी वेस्ट को लंबे समय तक न छोड़ा जाए। निर्माण सामग्री को तत्काल हटाकर निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। सड़कों पर निर्माण एवं विध्वंस सामग्री डालने अथवा सार्वजनिक स्थानों को अवरुद्ध करने वालों के खिलाफ नियमानुसार चालान और अन्य कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव, अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी, प्रभारी संपत्ति चंद्रकांता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। नगर आयुक्त ने अवैध रूप से सड़कों, सार्वजनिक स्थलों अथवा निगम की जमीन पर निर्माण सामग्री बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों की निगरानी बढ़ाई जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इससे न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि सड़क किनारे फैली निर्माण सामग्री और सीएंडडी वेस्ट यातायात व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी चुनौती बनता है। नगर निगम द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में नगर आयुक्त नियमित रूप से विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। सीएंडडी वेस्ट का वैज्ञानिक और व्यवस्थित निस्तारण भी वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निर्माण स्थलों से मलबा हटने और सड़कों पर खुले में निर्माण सामग्री न पड़े रहने से धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। नगर आयुक्त ने शहरवासियों से भी अपील की कि निर्माण एवं विध्वंस सामग्री को सड़कों, नालियों, खाली प्लॉटों या सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण के लिए नगर निगम की टीम से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से सामग्री हटवाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों को निगम की सुविधा लेने में किसी तरह की परेशानी न हो और कलेक्शन व्यवस्था को सरल एवं प्रभावी बनाया जाए। नगर निगम के इस अभियान का उद्देश्य शहर में निर्माण एवं विध्वंस सामग्री के अनियंत्रित ढंग से फैलाव पर रोक लगाने के साथ-साथ स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर पर्यावरण वाला गाजियाबाद तैयार करना है। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में निगम द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। सीएंडडी वेस्ट का समयबद्ध कलेक्शन, उचित निस्तारण और अवैध रूप से सामग्री डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
















