एआई और स्मार्ट तकनीक से बनेगा जलभराव मुक्त ग्रेटर नोएडा, प्राधिकरण ने कसी कमर

-स्थायी समाधान के लिए आधुनिक तकनीक आधारित कार्ययोजना पर होगा अमल: एन.जी. रवि कुमार
-विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी तैयार करेगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, एआई और रियल-टाइम निगरानी से मजबूत होगी जल निकासी व्यवस्था
-तिलपता, सूरजपुर, हल्दौनी, कुलेसरा और इकोटेक-3 समेत 30 से अधिक जलभराव वाले स्थलों का होगा वैज्ञानिक अध्ययन

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल होने वाली जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कवायद तेज कर दी है। इसके लिए एक विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी को नियुक्त किया गया है, जो जलभराव वाले स्थानों का विस्तृत अध्ययन कर समाधान की योजना तैयार करेगी। एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर नालियों और जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेंसर और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, चयनित सलाहकार एजेंसी कैनरीज़ ऑटोमेशन्स लिमिटेड ने काम शुरू कर दिया है। एजेंसी परियोजना विभाग से विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी जुटाने के साथ मौके पर जाकर जलभराव के कारणों का आकलन करेगी। इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर यह सुझाव देगी कि किन स्थानों पर किस प्रकार के निर्माण और सुधार कार्य किए जाने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि वर्षों पहले बनी जल निकासी व्यवस्था वर्तमान आबादी और तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के अनुरूप नहीं रह गई है। ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नालियों और नालों की क्षमता बढ़ाने के साथ अन्य तकनीकी उपाय भी किए जाएंगे, ताकि बारिश के दौरान पानी का तेजी से निकास हो सके। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि अगले वर्ष मानसून में शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।

इसके लिए जल निकासी तंत्र की सतत निगरानी और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा। पूर्व में कराए गए सर्वेक्षण में ग्रेटर नोएडा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 से अधिक ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। तिलपता, सूरजपुर, हल्दौनी, कुलेसरा और इकोटेक-3 सहित सात-आठ स्थान सबसे अधिक प्रभावित हैं। हाल की बारिश में भी इन इलाकों में लंबे समय तक पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। प्राधिकरण के अनुसार, कुछ चिन्हित स्थानों पर पहले से नालियों के निर्माण का कार्य चल रहा है। वहीं कई गांवों में सामान्य दिनों में भी नालियों और तालाबों के ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी भर जाता है। इसे देखते हुए जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह सुदृढ़ करने की योजना बनाई गई है।

एनजी रवि कुमार,
सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेषज्ञ सलाहकार एजेंसी से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। एजेंसी की सिफारिशों के आधार पर आवश्यक कार्य कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।