-पंचायत चुनाव से पहले जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला की बड़ी मुहिम, अवैध शराब के अड्डों पर लगातार छापेमारी से माफियाओं में हड़कंप
-ड्रोन कैमरों से हुई आसमान से निगरानी, नदी के बीच टापुओं से 100 क्विंटल लहन और 80 लीटर कच्ची शराब बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार
-अवैध शराब के कारोबार को जड़ से खत्म करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता: विजय कुमार शुक्ला
उदय भूमि संवाददाता
बलिया। आगामी पंचायत चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और नशामुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बलिया आबकारी विभाग ने अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ अब तक का सबसे व्यापक अभियान छेड़ दिया है। जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला के नेतृत्व में विभाग ने सरयू (घाघरा) नदी के बीच स्थित दुर्गम टापुओं तक पहुंचकर अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया। ड्रोन कैमरों, नावों और स्टीमर की मदद से चलाए गए इस विशेष अभियान में भारी मात्रा में लहन और कच्ची शराब बरामद कर माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया।
पंचायत चुनाव के मद्देनजर आबकारी विभाग ने स्पष्ट रणनीति बनाई है कि जनपद के किसी भी गांव, खेत, टैंक, बाग या नदी किनारे अवैध शराब का संग्रह या निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। इसी रणनीति के तहत उप आबकारी आयुक्त आजमगढ़ आनंद प्रकाश और जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। उनके साथ आबकारी निरीक्षक मनोज यादव, विमलेश यादव, प्रदीप कुमार मौर्य, विनय कुमार राय, रमेश राय, मधुसूदन शुक्ला, प्रवर्तन टीम तथा स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा। संयुक्त टीम ने सिकंदरपुर क्षेत्र के बिहार सीमा से सटे कठौड़ा, जमुई दियरा, लिलकर दियरा, सिसोटर दियरा और डुमरहर समेत कई संवेदनशील गांवों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद नदी के बीच स्थित टापुओं तक नाव और स्टीमर के माध्यम से पहुंचकर ड्रोन कैमरों की सहायता से निगरानी की गई।
कार्रवाई के दौरान दो टापुओं पर छिपाकर रखे गए 50 ड्रमों में लगभग 100 क्विंटल लहन तथा दो छोटे ड्रमों में लगभग 80 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई। मौके पर ही लहन को नष्ट कराया गया तथा अवैध शराब को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई। अभियान के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। जिला आबकारी अधिकारी विजय कुमार शुक्ला ने कहा कि पंचायत चुनाव से पहले पूरे जनपद में अवैध शराब के कारोबार पर निर्णायक प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा हमारी प्राथमिकता है कि चुनाव के दौरान किसी भी गांव या क्षेत्र में अवैध शराब की उपलब्धता न रहे। अवैध शराब का निर्माण, भंडारण या तस्करी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सरयू और घाघरा नदी के बीच स्थित टापुओं का इस्तेमाल लंबे समय से अवैध शराब बनाने और छिपाने के लिए किया जाता रहा है, लेकिन अब आबकारी विभाग आधुनिक तकनीक का उपयोग कर ऐसे दुर्गम क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है।
ड्रोन कैमरों की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे अपराधियों के छिपने के स्थानों का आसानी से पता लगाया जा सके। उप आबकारी आयुक्त आनंद प्रकाश ने कहा कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि जनहित और जनसुरक्षा का अभियान है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और तस्करी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में लगातार संयुक्त अभियान जारी रहेंगे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
भविष्य में भी ड्रोन सर्विलांस, नावों से गश्त और खुफिया सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाएगा। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की टीमें लगातार गांवों, दियारा क्षेत्रों, नदी किनारों और संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव तक यह अभियान और अधिक तेज किया जाएगा, ताकि अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह समाप्त कर सुरक्षित और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जा सके।















