– कांवड़ यात्रा-2026 से पहले सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन का तैयार हुआ ब्लूप्रिंट
-हर बीट प्रभारी रहेगा 24 घंटे एक्टिव, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी के निर्देश
– श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर जोर, लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गाजियाबाद पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार को सहायक पुलिस आयुक्त (कोतवाली नगर) एवं कांवड़ यात्रा की नोडल अधिकारी उपासना पाण्डेय ने सभी 144 कांवड़ बीट प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक गोष्ठी आयोजित की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, संवेदनशील स्थलों की निगरानी, श्रद्धालुओं की सुविधा तथा आपसी समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। गोष्ठी में एसीपी उपासना पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांवड़ यात्रा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महापर्व है। ऐसे में प्रत्येक पुलिसकर्मी का व्यवहार सेवा, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल सुरक्षा देना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को यह विश्वास दिलाना भी है कि उनकी यात्रा हर स्तर पर सुरक्षित और सुगम रहेगी।
उपासना पाण्डेय ने सभी 144 बीट प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें और किसी भी प्रकार की सूचना या शिकायत मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी पूरी सतर्कता और जवाबदेही के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाए। बैठक के दौरान उन्होंने संवेदनशील स्थलों, प्रमुख चौराहों, कांवड़ मार्गों, शिविरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी बीट प्रभारी स्थानीय लोगों, शिविर संचालकों, स्वयंसेवकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत निर्णय लेकर व्यवस्था को सामान्य रखा जा सके। एसीपी उपासना पाण्डेय ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि ड्यूटी के दौरान श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस की सकारात्मक छवि तभी बनेगी जब श्रद्धालु स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेंगे। उन्होंने सभी अधिकारियों से संयम, धैर्य और विनम्रता के साथ ड्यूटी करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से यातायात व्यवस्था को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर अनावश्यक जाम की स्थिति न बनने दी जाए। यदि कहीं भी भीड़ या अवरोध की स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर यातायात को सुचारु रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए हर समय ग्रीन कॉरिडोर सुनिश्चित किया जाए। गोष्ठी में सुरक्षा के आधुनिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई। उपासना पाण्डेय ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने सभी बीट प्रभारियों से कहा कि वे अपनी ड्यूटी को केवल औपचारिक जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे जनसेवा का अवसर मानकर कार्य करें। पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी उतना ही आवश्यक है जितना सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना। बैठक के दौरान सभी अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारियों, संभावित चुनौतियों और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की रणनीति के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
एसीपी उपासना पाण्डेय की कार्यशैली एक बार फिर इस बैठक में स्पष्ट रूप से दिखाई दी। अनुशासित नेतृत्व, सूक्ष्म योजना, समयबद्ध निर्णय क्षमता और जनसहभागिता पर उनका विशेष जोर गाजियाबाद पुलिस की तैयारियों को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय रहेगी। उनका लक्ष्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां हर श्रद्धालु सुरक्षित, सम्मानित और संतोष के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सके। यही सोच गाजियाबाद पुलिस की तैयारियों को प्रभावी और जनकेंद्रित बना रही है।
















