-राष्ट्रीय मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड में सदस्य बने डॉ. पीएन अरोड़ा, नीति निर्माण में जुड़ेगा निजी स्वास्थ्य क्षेत्र का अनुभव
– विदेशी मरीजों के लिए विश्वस्तरीय और किफायती उपचार से लेकर आवागमन व ठहरने तक बेहतर व्यवस्था बनाने पर जोर
-आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी को जोड़कर मेडिकल टूरिज्म का दायरा बढ़ाने की तैयारी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। भारत को दुनिया के भरोसेमंद और सक्षम मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेडिकल वैल्यू ट्रैवल परियोजना को गति देने के उद्देश्य से नेशनल मेडिकल एंड वेलनेस टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। इस महत्वपूर्ण बोर्ड में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले यशोदा मेडिसिटी के चेयरमैन डॉ. पीएन अरोड़ा को सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। देश के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों के साथ डॉ. अरोड़ा की इस बोर्ड में नियुक्ति को मेडिकल पर्यटन को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोर्ड में केंद्रीय पर्यटन मंत्री को अध्यक्ष और पर्यटन मंत्रालय के सचिव को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही देश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया गया है। डॉ. पीएन अरोड़ा की मौजूदगी से निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के अनुभव और विशेषज्ञता को नीति निर्माण एवं मेडिकल पर्यटन के विकास से जोडऩे का अवसर मिलेगा।
बोर्ड में सदस्य बनाए जाने पर डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि विदेशों से भारत आने वाले मरीजों को विश्वस्तरीय, बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। भारत में चिकित्सा क्षेत्र में मौजूद विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और अपेक्षाकृत किफायती उपचार व्यवस्था को देखते हुए मेडिकल पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए बोर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड भारत और विदेशों में मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म की प्रभावी मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करेगा। इसका उद्देश्य भारत को ऐसा भरोसेमंद चिकित्सा केंद्र बनाना है, जहां दुनिया के अलग-अलग देशों से मरीज पूरे वर्ष उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहुंच सकें। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि देश में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता मौजूद है। यशोदा मेडिसिटी इसका एक उदाहरण है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि विदेशी मरीजों को भारत में इलाज के दौरान गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के साथ बेहतर अनुभव मिले, इसके लिए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर सरकार को देंगे सुझाव
डॉ. पीएन अरोड़ा ने बताया कि बोर्ड मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के विकास को लेकर केंद्र सरकार को सुझाव और फीडबैक देगा। चिकित्सा पर्यटन से जुड़ी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका कहना है कि विदेशी मरीज जब भारत आएं तो उन्हें उपचार से लेकर आवागमन, ठहरने और अन्य आवश्यक सेवाओं तक किसी भी स्तर पर परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म उद्योग में सेवाओं के लिए आचार संहिता विकसित करने और पेशेवर मानकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
इससे मरीजों का भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा। बोर्ड आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी सहित विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों और वेलनेस टूरिज्म से जुड़े सेवा प्रदाताओं के बीच सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। डॉ. अरोड़ा के अनुसार, भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को उचित मंच पर एक साथ लाकर मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है।
शोध, प्रशिक्षण और जागरूकता से मजबूत होगी मेडिकल टूरिज्म की नींव
डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि बोर्ड का एक महत्वपूर्ण कार्य भारत की मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म इंडस्ट्री के विकास को लेकर निरंतर शोध करना भी होगा। बदलती जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रही स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप समय-समय पर नीतियों और व्यवस्थाओं में सुधार किया जा सकेगा। बोर्ड के सदस्य विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता और मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म से जुड़े लोगों को इस परियोजना की जानकारी उपलब्ध कराएंगे। साथ ही जिम्मेदार पर्यटन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को लेकर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि बोर्ड के गठन से देशभर की स्वास्थ्य सेवाओं को एक मंच पर लाने और उनके बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इसका लाभ केवल विदेशी मरीजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के नागरिकों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यशोदा मेडिसिटी भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और बेहतर उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार, स्वास्थ्य संस्थानों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी पक्षों के बीच मजबूत तालमेल आवश्यक है। राष्ट्रीय बोर्ड में मिली जिम्मेदारी के माध्यम से डॉ. पीएन अरोड़ा इसी समन्वय को मजबूत करने और भारत को विश्व के प्रमुख मेडिकल एवं वेलनेस टूरिज्म केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में अपनी भूमिका निभाएंगे।















