बाबा केदार की नगरी में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’, विश्व शांति के संकल्प के साथ शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ

-केदारनाथ धाम में 11 दिवसीय संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा शुरू, जल कलश यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब

उदय भूमि संवाददाता
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान केदारनाथ धाम की पावन धरती शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हर-हर महादेव और ‘ॐ नम: शिवाय’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठी। श्रावण मास में विश्व शांति और जनकल्याण की कामना को लेकर श्री केदार सभा के तीर्थ पुरोहितों की ओर से आयोजित 11 दिवसीय संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ जल कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा का आयोजन 1 अगस्त से 11 अगस्त तक भगवान केदारनाथ के दिव्य प्रांगण में किया जाएगा। कथा में सरस कथा व्यास आचार्य शिवराम भट्ट श्रद्धालुओं को शिवमहापुराण की कथा का श्रवण कराएंगे। आचार्य पद पर पंडित अरुण शुक्ला और आचार्य संजय तिवारी तथा ब्रह्मा के पद पर आचार्य विपिन जमलोकी विराजमान रहेंगे। आयोजन को लेकर केदारपुरी में स्थानीय लोगों के साथ देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा के शुभारंभ अवसर पर शनिवार सुबह आठ बजे केदारनाथ के स्थानीय लोग भगवान आशुतोष के प्रांगण में एकत्रित हुए। इसके बाद ॐ चौक स्थित जलाराम निवास से हनुमान ध्वजा को विधि-विधान के साथ कथा मंडप तक पहुंचाया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक जयघोष के बीच हनुमान ध्वजा की स्थापना की गई। इसके उपरांत सभी श्रद्धालु मां सरस्वती के उद्गम स्थल स्वर्गद्वारी पहुंचे, जहां से विशाल जल कलश यात्रा निकाली गई। जल कलश यात्रा में मुख्य यजमान सुखानी परिवार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, तीर्थ पुरोहित और श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘ॐ नम: शिवाय’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मंडपाचार्य पंडित अरुण शुक्ला की वाणी से गूंजते वेद मंत्रों ने धार्मिक वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुए। केदारपुरी में जगह-जगह धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण दिखाई दिया। श्री केदार सभा के तीर्थ पुरोहितों की ओर से हर वर्ष श्रावण मास में शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विश्व शांति, जनकल्याण और आध्यात्मिक चेतना के उद्देश्य से 11 दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार श्री शिवमहापुराण कथा के दौरान भगवान शिव की महिमा, उनके स्वरूप, भक्ति, तपस्या और सनातन परंपराओं से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वाचन किया जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और मानव कल्याण का संदेश दिया जाएगा।

मुख्य यजमान विशाल वीर सिंह सुखानी और उनकी धर्मपत्नी हेमा विशाल सुखानी आयोजन में विशेष रूप से उपस्थित रहे। कथा के शुभारंभ के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान केदारनाथ के दर्शन और पूजन के साथ विश्व शांति की कामना की। शिवमहापुराण कथा के शुभारंभ अवसर पर श्री केदार सभा के अध्यक्ष पंडित राजकुमार तिवारी, मुख्य यजमान विशाल वीर सिंह सुखानी, उनकी धर्मपत्नी हेमा विशाल सुखानी, उपाध्यक्ष विष्णुकांत कुर्माचली, महामंत्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद तिवारी, कोषाध्यक्ष प्रवीण चंद्र तिवारी, मंत्री अंकित सेमवाल और मीडिया प्रभारी पंडित पंकज शुक्ला सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा पंडित रोशन त्रिवेदी, रोशन तिवारी, सुनील शुक्ला, पंडित विष्णुकांत शुक्ला, मंदिर समिति के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह, मंदिर समिति के प्रभारी अधिकारी विपिन तिवारी, मंदिर अधिकारी कुलदीप भट्ट, प्रबंधक अरविंद शुक्ला सहित मंदिर समिति के कर्मचारी और अन्य श्रद्धालु भी आयोजन में शामिल हुए। आयोजन के शुभारंभ पर श्री केदार सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान केदारनाथ की पावन भूमि पर होने वाला यह धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनेगा। 11 दिनों तक चलने वाली कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। श्रावण मास के इस पावन अवसर पर बाबा केदार की नगरी में शुरू हुई शिवमहापुराण कथा से केदारपुरी का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है। वैदिक मंत्रों, भजनों और ‘ॐ नम: शिवाय’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान केदारनाथ से विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की प्रार्थना की।