-पुलिस टीम के साथ बॉर्डर का स्थलीय निरीक्षण, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की परखी हकीकत
-श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही पर जोर, पुलिसकर्मियों को सतर्कता और समन्वय के निर्देश
-कांवड़ मार्ग पर बढ़ेगा सुरक्षा पहरा, किसी भी बाधा पर तत्काल कार्रवाई के आदेश
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए गाजियाबाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच मंगलवार को पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर पहुंचकर खुद सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखी। उन्होंने दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ संयुक्त रूप से बॉर्डर और कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और मार्ग पर उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान डीसीपी धवल जायसवाल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ मार्ग पर पुलिस की मौजूदगी प्रभावी हो और भीड़ या यातायात का दबाव बढऩे की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। डीसीपी ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ भी व्यवस्थाओं को लेकर समन्वय किया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर कांवड़ यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण क्षेत्र है, इसलिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित सूचना आदान-प्रदान बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और यातायात को भी व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए। धवल जायसवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध आवागमन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे कांवड़ मार्ग पर पुलिस की लगातार निगरानी रहेगी। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी और पुलिसकर्मी पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं और किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं को असुविधा न होने दें।
उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। मार्ग पर भीड़ बढऩे, यातायात बाधित होने या किसी अन्य अप्रत्याशित स्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि फील्ड में उसका असर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। डीसीपी के निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों को कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक लगातार सक्रिय रहने, आपसी समन्वय बनाए रखने और प्रत्येक व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। पुलिस की रणनीति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखना है।















