दूधेश्वरनाथ धाम पर सुरक्षा का अभेद्य किला, शिवरात्रि जलाभिषेक में 556 जवान संभालेंगे मोर्चा

  • सात स्तरीय सुरक्षा घेरे में होगा महादेव का जलाभिषेक, पांच एसीपी और सैकड़ों पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
  • सीसीटीवी, वॉच टावर और पुलिस सहायता केंद्र से होगी हर गतिविधि पर पैनी नजर
  • लाखों शिवभक्तों की भीड़ को देखते हुए यातायात, पार्किंग और श्रद्धालु सुविधा पर विशेष फोकस

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। श्रावण शिवरात्रि पर्व पर श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर में होने वाले जलाभिषेक को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया है। लाखों की संख्या में पहुंचने वाले कांवडिय़ों और शिवभक्तों की आस्था को देखते हुए मंदिर परिसर को सात स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की कमान एक एडिशनल पुलिस कमिश्नर और पांच सहायक पुलिस आयुक्त संभालेंगे। इसके अलावा कुल 556 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जो मंदिर परिसर से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक सुरक्षा और व्यवस्था संभालेंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमडऩे की संभावना है। इसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था में 66 निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक, 147 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी तथा 337 होमगार्ड लगाए गए हैं। मंदिर परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक श्रद्धालु पर कड़ी नजर रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर की निगरानी की जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरुष, महिला और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था की गई है। जलाभिषेक के दौरान भीड़ को नियंत्रित रखने और दर्शन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस की भी विशेष तैनाती की गई है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सहायता के लिए पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है, जबकि निगरानी के लिए तीन वॉच टावर भी तैयार किए गए हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था एवं यातायात राज करन नैय्यर ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मी अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहें और संदिग्ध व्यक्तियों तथा वस्तुओं पर विशेष नजर रखें।

उन्होंने निर्देश दिए कि बिना जांच किसी भी व्यक्ति को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न दिया जाए। इसके साथ ही होटल, धर्मशाला, रेस्टोरेंट और आसपास के ठहरने वाले स्थानों की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पार्किंग व्यवस्था को सुचारु रखने और यातायात संचालन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस टीमों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों ने ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र और संयमित व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। नागरिक सुरक्षा समिति और स्वयंसेवकों के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं की सहायता सुनिश्चित की जाएगी।

एसीपी कोतवाली एवं कांवड़ नोडल अधिकारी उपासना पाण्डेय ने बताया कि श्रावण शिवरात्रि पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त को श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में कांवडि़ए और शिवभक्त जलाभिषेक करने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी निगरानी और यातायात व्यवस्था को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सभी अधिकारी और पुलिसकर्मी अपने-अपने प्वाइंट पर तैनात रहेंगे तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जाएगी। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रावण शिवरात्रि पर्व श्रद्धा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए।