कासना डिपो से संचालित होंगी ग्रेटर नोएडा की ई-बसें, चार्जिंग स्टेशन शुरू होने से बढ़ेंगे फेरे

– कासना बस स्टैंड पर शुरू हुई ई-बस चार्जिंग सुविधा, संचालन होगा अधिक सुगम
– मरम्मत और तकनीकी कार्यों के लिए फिलहाल नोएडा डिपो की कार्यशाला पर रहेगी निर्भरता

उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। शहर में इलेक्ट्रिक बस सेवा को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कासना बस स्टैंड पर ई-बसों के लिए नया चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने स्टेशन का निर्माण और परीक्षण पूरा करने के बाद इसे संचालन के लिए तैयार कर दिया है। अब तक ई-बसों को चार्जिंग के लिए नोएडा या गाजियाबाद के मोहन नगर डिपो जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में काफी समय लगने के कारण कई बार रूट पर बसों की संख्या घट जाती थी और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। कासना में चार्जिंग सुविधा उपलब्ध होने से बसों को बीच रूट में ही चार्ज किया जा सकेगा, जिससे उनका संचालन अधिक नियमित रहेगा।

एक घंटे से भी कम समय में होगी चार्जिंग

नए चार्जिंग स्टेशन पर फास्ट चार्जिंग तकनीक स्थापित की गई है। प्राधिकरण के अनुसार ई-बस की बैटरी लगभग 45 से 60 मिनट में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाएगी। इससे बसें कम समय में दोबारा सेवा में लौट सकेंगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। डिपो परिसर में चालक-परिचालकों के लिए विश्राम कक्ष, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

पीक आवर में मिलेगी राहत

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह के अनुसार चार्जिंग स्टेशन शुरू होने के बाद बसों के फेरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में अधिक बसें उपलब्ध रहेंगी, जिससे स्टैंड और बसों में भीड़ कम होगी। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों और नोएडा को जोड़ने वाले ई-बस रूटों की फ्रीक्वेंसी में भी सुधार आएगा।

नए रूट से गाजियाबाद तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

चार्जिंग स्टेशन शुरू होने के साथ ही ई-बस नेटवर्क का विस्तार भी किया जा रहा है। बॉटनिकल गार्डन से परी चौक आने वाली बसों को अब शहर के विभिन्न सेक्टरों से होकर संचालित किया जाएगा। वहीं, नए रूट के तहत गाजियाबाद रेलवे स्टेशन को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के रास्ते जोड़ा गया है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को सीधी और सुविधाजनक बस सेवा का लाभ मिलेगा।