-जिला पंचायत बोर्ड ने 2026-27 की कार्ययोजना सहित कई अहम प्रस्तावों पर लगाई मुहर
-ग्रामीण विकास के लिए नए राजस्व स्रोतों पर फोकस, होर्डिंग शुल्क और भवन कर वसूली का फैसला
-हर गांव तक पहुंचे विकास की किरण, आत्मनिर्भर पंचायत हमारा लक्ष्य: डॉ. घनश्याम अनुरागी
उदय भूमि संवाददाता
जालौन। जिला पंचायत जालौन की बोर्ड बैठक सोमवार को जिला पंचायत उरई स्थित सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अनेक महत्वपूर्ण विकास प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक का संचालन अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और जनहित के विभिन्न विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए, जिन पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिला पंचायत की दुकानों एवं गोदामों के प्रबंधन, ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग एवं बैनर जोन लागू करने, आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण, विभिन्न समितियों की संस्तुतियों तथा पंचायत क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बोर्ड की बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जिला पंचायत के राजस्व स्रोतों को बढ़ाने और पंचायत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाए गए कदम रहे। बैठक के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिला पंचायत निधि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया गया है।
इसी का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत सरोवरों का निर्माण, पेयजल योजनाओं का विस्तार, नई सड़कों का निर्माण, नालों की व्यवस्था तथा सीसी सड़कों जैसे आधारभूत विकास कार्य व्यापक स्तर पर कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से गांवों की तस्वीर बदली है और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान जिला पंचायत बोर्ड में प्रस्तुत सभी विकास प्रस्ताव पक्ष और विपक्ष के सभी सम्मानित सदस्यों की सहमति से सर्वसम्मति के आधार पर पारित किए गए। किसी भी सदस्य ने किसी प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिससे स्पष्ट है कि जिला पंचायत ने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर केवल विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और आपसी समन्वय के कारण ही जिला पंचायत जालौन लगातार निर्विवाद रूप से विकास कार्यों को गति देने में सफल रही है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिला पंचायत क्षेत्र में लगाए जाने वाले सभी व्यावसायिक होर्डिंग एवं बैनरों से नियमानुसार विज्ञापन शुल्क वसूला जाएगा।
इस शुल्क से प्राप्त होने वाली आय को पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत क्षेत्र में भवन निर्माण को व्यवस्थित एवं नियमबद्ध बनाने के लिए पंजीकृत आर्किटेक्ट से नक्शा स्वीकृत कराने के बाद ही निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके साथ ही भवन कर वसूली की प्रक्रिया भी प्रभावी ढंग से लागू की जाएगी। बैठक में स्पष्ट किया गया कि बिना स्वीकृत नक्शे के भवन निर्माण कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत प्रशासन का मानना है कि इससे अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और विकास कार्य नियोजन के अनुरूप आगे बढ़ सकेंगे। साथ ही भवन कर एवं अन्य राजस्व स्रोतों के माध्यम से पंचायत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में और अधिक विकास योजनाएं संचालित की जा सकेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने अपने संबोधन में कहा जिला पंचायत जालौन का उद्देश्य केवल विकास कार्य कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत सुविधाओं के स्तर पर पूरी तरह सशक्त बनाना है।
हमारा संकल्प है कि जनपद के प्रत्येक गांव तक विकास की किरण पहुंचे और प्रत्येक ग्रामीण को बेहतर सड़क, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। जिला पंचायत को आत्मनिर्भर बनाकर विकास की गति को और तेज किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों एवं सभी सम्मानित सदस्यों के सहयोग से विकास यात्रा निरंतर आगे बढ़ती रहेगी। बैठक का संचालन कर रहे अपर मुख्य अधिकारी धर्मजीत त्रिपाठी ने कहा जिला पंचायत द्वारा पारित सभी प्रस्ताव जनहित और ग्रामीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। बोर्ड की मंशा है कि विकास योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। होर्डिंग शुल्क, भवन कर तथा अन्य राजस्व स्रोतों से प्राप्त धनराशि का उपयोग पूरी जवाबदेही के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।
जिला पंचायत प्रशासन सभी विकास योजनाओं की नियमित निगरानी करेगा, ताकि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और जनपद जालौन विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सके। बैठक का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि जिला पंचायत द्वारा लिए गए निर्णय ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी विश्वास व्यक्त किया कि सभी प्रस्तावों के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, पंचायत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा जालौन जनपद ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।















