-अंतिम दौर में पहुंचा अंडरपास का निर्माण, रैंप और सुरक्षा शेड का काम तेजी से जारी
-92 करोड़ की परियोजना पर टिकी शहरवासियों की नजर, 60 मीटर रोड की ओर रैंप पूरी तरह तैयार
-अंडरपास खुलते ही गौड़ सिटी चौक पर घटेगा ट्रैफिक का दबाव, हजारों वाहन चालकों को मिलेगी राहत
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। गौड़ सिटी चौक पर निर्माणाधीन अंडरपास अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इसे दीपावली से पहले वाहनों के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार, अंडरपास का सिविल कार्य पूरा हो चुका है और रैंप से जुड़े शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
अंडरपास का निर्माण वर्ष 2024 में शुरू हुआ था। परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 60 करोड़ रुपये थी, जो टेंडर प्रक्रिया के दौरान बढ़कर 82 करोड़ रुपये हुई। बिजली लाइनों और अन्य यूटिलिटी को शिफ्ट करने समेत परियोजना की कुल लागत करीब 92 करोड़ रुपये तक पहुंची है।
अधिकारियों के मुताबिक, अंडरपास के रैंप को बारिश के पानी से सुरक्षित रखने के लिए शेड लगाया जाना जरूरी है। इस कार्य के लिए करीब सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है और अलग से टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है। शेड का काम पूरा होने के बाद अंडरपास को यातायात के लिए खोलने की दिशा में अंतिम चरण के कार्य किए जाएंगे।
परियोजना के तहत 60 मीटर रोड की ओर रैंप का निर्माण पूरा हो चुका है। तिगरी की तरफ रैंप का काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हाल में हुई बारिश के कारण इस हिस्से के निर्माण की गति प्रभावित हुई थी। वहीं, लोगों की सुविधा को देखते हुए अंडरपास के ऊपर की सड़क पर यातायात पहले ही शुरू कर दिया गया है। टेंडर के अनुसार अंडरपास का निर्माण जनवरी 2026 की शुरुआत तक पूरा किया जाना था। इसके बाद समय सीमा बढ़ाकर 30 जून की गई। सीईओ की समीक्षा के बाद 15 अगस्त तक काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
अब प्राधिकरण ने दीपावली से पहले अंडरपास को यातायात के लिए खोलने की तैयारी की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह ने बताया कि परियोजना में कुछ तकनीकी और अन्य कारणों से देरी हुई है। उन्होंने कहा कि अंडरपास का काम अंतिम चरण में है और इसे दीपावली से पहले पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। अंडरपास शुरू होने के बाद गौड़ सिटी चौक और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को जाम से राहत मिलेगी और क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा।















