- यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह ने चार्ज संभालने के बाद इंडस्ट्री पर बढ़ाया फोकस
- एक साल में 731 आवंटियों ने कराई प्लॉट की रजिस्ट्री, 795 को मिला कब्जा
- 398 औद्योगिक प्लॉटों के नक्शे पास, 221 इकाइयों में शुरू हुआ निर्माण कार्य
- 462 आवंटियों को जारी हुए लीज प्लान, 502 को दी गई रजिस्ट्री के लिए चेकलिस्ट
- यमुना सिटी में तेजी से बढ़ रहीं औद्योगिक गतिविधियां, निवेशकों का भरोसा मजबूत
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में पिछले एक साल के दौरान औद्योगिक गतिविधियों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़े बताते हैं कि यमुना सिटी में औद्योगिक विकास की रफ्तार पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। पिछले वर्ष मार्च तक जहां केवल नौ फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हुआ था, वहीं इस साल मार्च तक यह संख्या बढ़कर 33 तक पहुंच गई है। इसी तरह पिछले साल 17 औद्योगिक इकाइयों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिला था, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर करीब 60 तक पहुंच गया है।
दरअसल, यमुना सिटी क्षेत्र में नोएडा एयरपोर्ट परियोजना आने के बाद से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। वर्ष 2001 में यमुना अथॉरिटी की स्थापना के बाद शुरुआती वर्षों में विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। वर्ष 2017 में एयरपोर्ट परियोजना को साइट क्लीयरेंस मिलने के बाद से यहां निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी और औद्योगिक गतिविधियां भी तेज हो गईं।
किसी भी नए शहर के विकास में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और यमुना सिटी में भी यही परिदृश्य देखने को मिल रहा है। पिछले एक वर्ष में कंपनियों ने तेजी से उत्पादन शुरू किया है और आवंटियों ने अपने प्लॉट की रजिस्ट्री कराकर निर्माण कार्य भी शुरू किया है। प्लॉट पर कब्जा देने, नक्शा पास करने और निर्माण कार्य की प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अथॉरिटी के अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वित्तीय वर्ष में करीब 400 औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू हो सकता है। इसके लिए अथॉरिटी ने अलग-अलग औद्योगिक कार्यों के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है ताकि प्रक्रियाएं तेजी से पूरी हो सकें। वर्तमान वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते 31 मार्च से 13 मार्च तक कुल 54 औद्योगिक प्लॉटों का आवंटन किया गया।
इसी अवधि में 462 आवंटियों को लीज प्लान जारी किए गए, जबकि 502 आवंटियों को चेक लिस्ट दी गई ताकि वे रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकें। इस दौरान 731 आवंटियों ने अपने प्लॉट की रजिस्ट्री कराई और 795 आवंटियों को प्लॉट पर कब्जा दिया गया। इसके अलावा 398 आवंटियों के भवन नक्शे पास किए गए और 221 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसी अवधि में 43 इकाइयों को कंप्लीशन सर्टिफिकेट और 24 इकाइयों को फंक्शनल सर्टिफिकेट जारी किए गए। अथॉरिटी के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 33 फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो चुका है और आने वाले समय में यह संख्या और तेजी से बढ़ेगी।
इंडिस्ट्रियल प्लॉटों का ब्योरा और प्रगति
काम का नाम 31 मार्च 2025 तक 13 मार्च तक
अलाटमेंट 3059 3112
लीज प्लान 2250 2712
चेकलिस्ट जारी 2198 2700
रजिस्ट्री 1632 2363
कब्जा दिया 990 1785
नक्शा पास 318 716
निर्माणाधीन इकाई 120 341
कंप्लीशन सर्टिफिकेट 17 60
फंक्शनल यूनिट 09 33

सीईओ, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के कारण यमुना सिटी क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में निवेशकों ने यहां रुचि दिखाई है और कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। प्राधिकरण की ओर से औद्योगिक गतिविधियों को तेज करने के लिए सभी प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया जा रहा है, जिससे निवेशकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस वित्तीय वर्ष में 33 फैक्ट्रियों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि कई अन्य इकाइयों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू कराया जाए, जिससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।
आर.के. सिंह
सीईओ, यमुना प्राधिकरण
















