शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्यपाल की ओर से इन व्यक्तियों को नगर निगम गाजियाबाद में पार्षद के रूप में नामित किया गया है। जारी सूची के अनुसार जिन लोगों को नामित पार्षद बनाया गया है, उनमें सुमन जाटव, ज्योति चौहान, संजय रावत, भगवत गुप्ता, श्याम शर्मा, प्रदीप चौधरी, अंकुश अरोड़ा, सरदार पम्मी, मधुकर त्यागी और सुनील यादव शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों से जुड़े हुए हैं और सामाजिक व सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। नगर विकास विभाग के अनुसार इन नामित पार्षदों का उद्देश्य नगर निगम के कार्यों में सामाजिक सहभागिता को बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव का लाभ प्रशासन को उपलब्ध कराना है। शासन का मानना है कि समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व मिलने से नगर निगम की योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। नगर निगम की राजनीति में इन नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नामित पार्षदों की भूमिका नगर निगम की बैठकों, समितियों और विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण होती है।
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर निकाय व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गाजियाबाद नगर निगम में 10 पार्षदों को नामित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। नगर विकास अनुभाग-7 की ओर से 14 मार्च 2026 को जारी इस अधिसूचना में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों को पार्षद के रूप में नामित किया गया है। यह नामांकन उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 6 की उपधारा (1) के खंड (ख) के अंतर्गत प्रदान की गई शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्यपाल की ओर से इन व्यक्तियों को नगर निगम गाजियाबाद में पार्षद के रूप में नामित किया गया है। जारी सूची के अनुसार जिन लोगों को नामित पार्षद बनाया गया है, उनमें सुमन जाटव, ज्योति चौहान, संजय रावत, भगवत गुप्ता, श्याम शर्मा, प्रदीप चौधरी, अंकुश अरोड़ा, सरदार पम्मी, मधुकर त्यागी और सुनील यादव शामिल हैं। ये सभी शहर के अलग-अलग इलाकों से जुड़े हुए हैं और सामाजिक व सार्वजनिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। नगर विकास विभाग के अनुसार इन नामित पार्षदों का उद्देश्य नगर निगम के कार्यों में सामाजिक सहभागिता को बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों के अनुभव का लाभ प्रशासन को उपलब्ध कराना है।
शासन का मानना है कि समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व मिलने से नगर निगम की योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। नगर निगम की राजनीति में इन नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नामित पार्षदों की भूमिका नगर निगम की बैठकों, समितियों और विकास योजनाओं में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में इन नामों के चयन को लेकर स्थानीय स्तर पर सियासी समीकरण भी देखे जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नामित पार्षद शहर के अलग-अलग सामाजिक संगठनों, व्यापारिक वर्ग और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि ये लोग शहर के विकास से जुड़े मुद्दों को नगर निगम के मंच पर प्रभावी तरीके से उठा सकेंगे।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इन पार्षदों के शामिल होने से शहर के विकास कार्यों में गति आएगी और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर बेहतर चर्चा हो सकेगी। जल निकासी, सड़क, स्वच्छता, पार्क और शहरी आधारभूत ढांचे जैसे विषयों पर इनकी सक्रिय भूमिका रहने की उम्मीद जताई जा रही है। उधर, शहर में नामित पार्षदों की सूची सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि नए पार्षद शहर के विकास और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। शासन की ओर से जारी अधिसूचना पर प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद के हस्ताक्षर हैं। आदेश जारी होने के साथ ही यह सूची प्रभावी हो गई है और अब नगर निगम की बैठकों में इन नामित पार्षदों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।
















