गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विकसित भारत की आधारशिला: राम नाथ कोविंद

-आई.टी.एस में गूंजे ‘विजन 2047’ के स्वर, पूर्व राष्ट्रपति ने दी शिक्षा पर प्रेरक दिशा
-‘श्री कृष्ण लाल चड्ढा मेमोरियल लेक्चर’ के प्रथम संस्करण में भारत के पूर्व राष्ट्रपति हुए शामिल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। मोहन नगर स्थित आई.टी.एस- द एजुकेशन ग्रुप के लिए शुक्रवार को दिन अत्यंत गौरवशाली और ऐतिहासिक बन गया, जब संस्थान के चाणक्य ऑडिटोरियम में प्रतिष्ठित ‘श्री कृष्ण लाल चड्ढा मेमोरियल लेक्चर’ का प्रथम संस्करण भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित हुआ। इस आयोजन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने ‘विजन 2047: विकसित भारत के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ विषय पर अपने सारगर्भित विचार रखे। अपने उद्बोधन में पूर्व राष्ट्रपति श्री कोविंद ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार अत्यावश्यक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम न होकर, छात्रों को कौशल, नैतिक मूल्य और सामाजिक जिम्मेदारी देने का सशक्त उपकरण भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा समावेशी, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण होगी, तभी देश की युवा पीढ़ी एक समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकेगी।

इस ऐतिहासिक व्याख्यान की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। मंच पर श्री कोविंद जी के साथ आई.टी.एस- द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा, शिक्षाविद् डॉ. पवन सिन्हा ‘गुरु’ जी, प्रो. डॉ. राकेश कुमार खांडल (डायरेक्टर- टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, पूर्व कुलपति यूपीटीयू) तथा वाइस चेयरमैन सोहिल चड्ढा सहित अन्य प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. आर.पी. चड्ढा ने पूर्व राष्ट्रपति को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्थापक श्री कृष्ण लाल चड्ढा के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित एक विशेष ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति भी दिखाई गई, जिसने सभी को भावुक कर दिया और संस्थान के मूल्यों की गहराई को उजागर किया।

डॉ. पवन सिन्हा ने अपने संबोधन में पूर्व राष्ट्रपति के सौम्य स्वभाव और मानवीय दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए यह स्मरण किया कि ऋषिकुलशाला विस्तार का उद्घाटन भी उन्हीं के कर-कमलों द्वारा हुआ था, जो आज दो हजार पांच सौ से अधिक वंचित बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रही है। प्रो. डॉ. राकेश खांडल ने अपने अनुभव साझा करते हुए श्री कोविंद जी की उपस्थिति को एक अविस्मरणीय क्षण बताया। आई.टी.एस- द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर. पी. चड्ढा ने इस आयोजन को संस्था के लिए एक प्रेरक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान संस्थान की मूल विचारधारा और शैक्षिक समर्पण को मजबूत करते हैं। वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं के मध्य संवाद और विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।

वहीं सोहिल चड्ढा ने कहा कि आई.टी.एस का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। इस गरिमामयी आयोजन में चड्ढा परिवार के सदस्य, संस्थान के निदेशकगण, शिक्षकगण, पीआर प्रमुख श्री सुरिंदर सूद, सेक्रेटरी श्री बी. के. अरोड़ा, निदेशक प्रो. सुनील कुमार पांडे, प्रो. अजय कुमार, डॉ. वी एन बाजपेई सहित बड़ी संख्या में छात्रगण उपस्थित रहे। पूर्व राष्ट्रपति की विनम्रता और सहजता ने पूरे वातावरण को भावुक और प्रेरणादायक बना दिया। समारोह के दौरान पूरे परिसर में उत्साह, गर्व और आदर का वातावरण व्याप्त रहा। यह आयोजन आई.टी.एस – द एजुकेशन ग्रुप के लिए न केवल एक संस्थागत उपलब्धि सिद्ध हुआ, बल्कि शिक्षा की दिशा में नई सोच और दृष्टिकोण को भी स्थापित कर गया।