मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी करेगी पूछताछ
नई दिल्ली। भारत में चीनी नागरिकों के कारनामें निरंतर सामने आ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार चीन के 2 नागरिकों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 सप्ताह की रिमांड पर लिया है। चीनी नागरिक चार्ली पेंग और कार्टर ली अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने दोनों को 14 दिन की रिमांड पर भेजने के आदेश दिया। दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने चार्ली पेंग को घोटाले के आरोप में 2018 में दबोचा था। पेंग पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट रखने का भी आरोप है। चाली पेंग पर कथित तौर पर एक हजार करोड़ रुपए का हवाला रैकेट चलाने का आरोप है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अगस्त 2020 में आयकर विभाग की टीम ने चीनी नागरिक के ठिकानों पर रेड डाली थी। जिसके बाद ईडी ने चीन के एक नागरिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। चाली पेंग पर फर्जी कंपनियां बनाने का भी आरोप है। इन कंपनियों का उपयोग चीन से हवाला की रकम की आवाजाही के लिए होता था। इन चीनी नागरिकों को 15 जनवरी को पहले पूछताछ हेतु बुलाया गया था। पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। शनिवार को आरोपी चार्ली पेंग और कार्टर ली को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से इन्हें ईडी की 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि आयकर विभाग के अनुसार चार्ली पेंग और दूसरे चीनी नागरिकों ने चीनी कंपनियों के नाम पर 40 बैंक खाते खोले थे। इन खातों की सहायता से एक हजार करोड़ रुपए की लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया गया। पूछताछ में मालूम पड़ा कि चीनी खुफिया एजेंसियों ने इसके जरिए दिल्ली में निवासरत तिब्बतियों को घूस देने की कोशिश भी की है। इनके निशाने पर दिल्ली के मजनू का टीला निवासी लामा और साधू थे। हालांकि पेंग ने सीधे तौर पर किसी को भी रुपए नहीं दिए। यह काम उसने अपने ऑफिस स्टाफ की सहायता से किया था।















