-750 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगी हेरिटेज सिटी, होटल, योग केंद्र, प्राकृतिक चिकित्सा और व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
-वृंदावन और बांके बिहारी मंदिर तक आसान होगी पहुंच, एनएचएआई की सड़क और नदी पुल से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
-पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी परियोजना, चयनित कंपनी को मिलेगा 70 वर्ष का लाइसेंस
-राया अर्बन सेंटर के मास्टर प्लान में शामिल परियोजना, धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई पहचान
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना अथॉरिटी की महत्वाकांक्षी हेरिटेज सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। परियोजना के लिए तैयार किए गए बिड डॉक्यूमेंट को उत्तर प्रदेश शासन ने मंजूरी दे दी है। अब अथॉरिटी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकासकर्ता कंपनी के चयन के लिए जल्द ही रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी करेगी। करीब 6,922 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली इस परियोजना के लिए चयनित कंपनी को 70 वर्ष का लाइसेंस दिया जाएगा।
हेरिटेज सिटी का विकास यमुना अथॉरिटी के फेज-2 मास्टर प्लान में प्रस्तावित राया अर्बन सेंटर के अंतर्गत किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को यमुना एक्सप्रेसवे के 101वें किलोमीटर से जोड़ने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) करीब 15.3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करेगा। इसी सड़क के दोनों ओर लगभग 750 एकड़ क्षेत्र में हेरिटेज सिटी बसाने की योजना है। अथॉरिटी ने पहले इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई थी, लेकिन मानसून के दौरान प्रस्तावित स्थल पर बाढ़ का पानी पहुंचने के कारण इसमें संशोधन कराया गया। संशोधित योजना के तहत क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को नया स्वरूप दिया गया है।
परियोजना के तहत धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा होटल, रेस्तरां, हट, संस्थागत परिसर और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी स्थान निर्धारित किया गया है। वहीं, ब्रज विकास परिषद यमुना नदी पर एक पुल का निर्माण कर रही है, जिसे एनएचएआई की नई सड़क से जोड़ा जाएगा। इससे श्रद्धालु सीधे बांके बिहारी मंदिर तक पहुंच सकेंगे। वृंदावन में वाहनों का दबाव कम करने के लिए नदी किनारे पार्किंग और पिलग्रिम गेट भी विकसित किए जाएंगे। लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में यमुना अथॉरिटी के सीईओ आर.के. सिंह और एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने परियोजना की प्रगति पर चर्चा की। सीईओ आर.के. सिंह ने बताया कि शासन से बिड डॉक्यूमेंट को मंजूरी मिल चुकी है और अब विकासकर्ता के चयन के लिए जल्द ही आरएफपी जारी की जाएगी।















