-डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन ने बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ की विस्तृत बैठक, पार्किंग व्यवस्था को लेकर बनी सहमति
-एक सप्ताह में चिन्हित स्थल पर शुरू होगी नई व्यवस्था, यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के निर्देश
-न्यायालय परिसर में अव्यवस्था होगी खत्म, आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और वादकारियों को मिलेगी बड़ी राहत
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जिला न्यायालय परिसर के आसपास लंबे समय से बनी यातायात अव्यवस्था और दोपहिया वाहनों की अनियोजित पार्किंग की समस्या के समाधान की दिशा में पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस उपायुक्त (यातायात) त्रिगुण बिसेन के नेतृत्व में सोमवार को जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिवक्ताओं के दोपहिया वाहनों के लिए उपयुक्त एवं स्थायी पार्किंग स्थल विकसित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर सहमति बनने के बाद संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) वरुण कुमार सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात प्रथम) शुचिता सिंह, यातायात निरीक्षकगण तथा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने न्यायालय परिसर एवं उसके आसपास की वर्तमान यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन स्थानों का निरीक्षण किया, जहां अधिवक्ताओं के दोपहिया वाहनों की पार्किंग के कारण अक्सर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। चर्चा के दौरान ऐसे स्थानों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया, जहां पार्किंग की बेहतर व्यवस्था विकसित कर यातायात संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।
बैठक में यह भी माना गया कि न्यायालय परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता, वादकारी, पुलिसकर्मी और आम नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में अव्यवस्थित पार्किंग न केवल यातायात बाधित करती है, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी परेशानी का कारण बनती है। नई पार्किंग व्यवस्था लागू होने से न्यायालय परिसर के आसपास अनावश्यक भीड़भाड़ कम होगी और लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। पुलिस उपायुक्त यातायात त्रिगुण बिसेन ने कहा कि न्यायालय परिसर शहर का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे स्थानों पर यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा जिला बार एसोसिएशन के साथ सकारात्मक संवाद के माध्यम से अधिवक्ताओं के दोपहिया वाहनों के लिए उपयुक्त पार्किंग स्थल चिन्हित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हमारा प्रयास है कि एक सप्ताह के भीतर पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए, ताकि न्यायालय परिसर के आसपास जाम की समस्या समाप्त हो और अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा आम नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है और पुलिस प्रशासन इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पार्किंग स्थल पर स्पष्ट संकेतक (साइनेज), यातायात बैरिकेडिंग तथा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पार्किंग संचालन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यातायात पुलिस नियमित निगरानी करेगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो भविष्य में पार्किंग क्षमता बढ़ाने और यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी पुलिस प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही न्यायालय परिसर के बाहर लगने वाले जाम में कमी आएगी और आम लोगों को भी बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि संवाद, समन्वय और सुनियोजित यातायात प्रबंधन के माध्यम से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में भी ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा सकता है। न्यायालय परिसर में प्रस्तावित नई पार्किंग व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में अधिवक्ताओं के साथ-साथ हजारों नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।















