-नशा मुक्त भारत अभियान: तम्बाकू एवं ड्रग्स नियंत्रण पर कॉलेज में चलाया गया जागरुकता अभियान
-नशे से दूर रह कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे युवा पीढ़ी: आशीष पाण्डेय
उदय भूमि
गौतमबुद्ध नगर। वर्तमान समय में युवा नशे की अंधी गलियों में भटक चुके हैं। युवाओं को बाहर निकालना हरेक का नैतिक कर्तव्य है। दुनिया में हर साल लाखों युवा नशे के कारण असमय ही मौत के आगोश में समाते जा रहे हैं। आज मां-बाप दुखी हैं कि उनके चिराग नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। आज नशे के सौदागर युवाओं के भविष्य खराब करते जा रहे हैं। अगर युवा ही नशे का प्रयोग करेगा तो आने वाला कल अंधकारमय ही होगा। आप सभी युवाओं के कंधों पर देश टिका है। इसलिए सभी युवा संकल्प लेते हुए नशा का बहिष्कार करें और नशा को रोकने के लिए काम करे।
यह बातें सोमवार को नॉलेज पार्क-2 स्थित मंगलमय इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) जिला स्तरीय समिति द्वारा नशा मुक्त अभियान के दृष्टिगत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें जिला आबकारी विभाग की ओर से इंस्पेक्टर आशीष पाण्डेय ने कहीं। उन्होंने कहा समाज के लोगों को एकजुट होकर नशे को जड़ से खत्म करना चाहिए। नशा व्यक्ति को ही नहीं पूरे राष्ट्र को नुकसान पहुंचाता है, यह राष्ट्रीय निर्माण में बहुत बड़ा बाधक है।
युवाओं को चाहिए कि वे नशे से दूर रह कर समाज व राष्ट्र के नव निर्माण में अपना योगदान दें। इस दौरान सभी सहभागी को शपथ दिलाया कि मै किसी भी प्रकार का नशा नहीं करुंगा और न ही करने दूंगा। कार्यक्रम में जनपद गौतमबुद्ध नगर के जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ (डीटीसीसी) डॉ श्वेता खुराना, जिला समाज कल्याण विभाग (डीएसडब्लूओ) डॉ. ऋषभ कुमार सिंह, डॉ अमित शर्मा ने कॉलेज के विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध जागरूक करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से जारी नशा विरोधी प्रयासों में युवाओं को भी बढ़-चढ़कर सहयोग देना चाहिए, ताकि नशे को जड़ से खत्म किया जा सके। नशा समाज के लिए एक ऐसा खतरा है जो एक नहीं क्राइम से जुड़ी कई कुरीतियों को जन्म देता है। युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ती जा रही है।
नशे से ही हमारा समाज खोखला बन कर राष्ट्र को नुकसान पहुंचा सकता है। नशे को जड़ से खत्म करने के लिए सभी को एकजुट होकर जागरूक होना होगा। डीटीसीसी डॉ श्वेता खुराना ने कहा जिस प्रकार कोई शिकारी अपने शिकार को जकड़ता है, उसी प्रकार नशा भी व्यक्ति को अपने आगोश में लेता चला जाता है, जिससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल काम है, परंतु दृढ इच्छाशक्ति के बल पर कोई भी नशे का आदी व्यक्ति इससे बाहर आ सकता है। संकल्प से बड़ी से बड़ी बाधा को भी पार किया जा सकता है, तो नशा की बुरी लत से भी छुटकारा पाया जा सकता है। हम सभी को एकजुट होकर तम्बाकू एवं ड्रग्स पर नियंत्रण करने के लिए ज्यादा से ज्यादा जागरूक होकर अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना होगा।
समापन समारोह में छात्रों और प्रशासन द्वारा मादक द्रव्यों के सेवन के विरुद्ध एवं तम्बाकू मुक्त परिसर बनाए रखने की छात्रों को शपथ दिलाई गई। इस दौरान मंगलमय इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के पदाधिकारियों ने आबकारी विभाग, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ (डीटीसीसी), जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक, स्वास्थ्य चर्चा ,नशा मुक्त भारत अभियान तथा तम्बाकू एवं ड्रग्स नियंत्रण पर खुली पैनल चर्चा आयोजित की गई ।






















