GDA बोर्ड बैठक में हुआ बड़ा निर्णय : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास विकसित होगी एरोसिटी, मिली मंजूरी

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 171वीं बोर्ड बैठक में 25 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों को पास कर दिया गया। मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह समेत जीडीए बोर्ड सदस्य उपस्थित रहे।

  • मेरठ मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में 171वीं बोर्ड बैठक में 25 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
  • जीडीए का वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-3,49,640 लाख,व्यय-3,28,700 लाख का बजट पास

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की 171वीं बोर्ड बैठक में 25 प्रस्ताव रखे गए। सभी प्रस्तावों को पास कर दिया गया। बोर्ड ने आखिर राजनगर एक्सटेंशन एरिया में मोरटी गांव में 38 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास एरोसिटी विकसित करने पर मुहर लगा दी। बोर्ड ने तुलसी निकेतन योजना के पुनर्विकास एवं हिंडन तटबंध परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित करने पर जोर दिया।

बोर्ड बैठक गुरुवार को जीडीए सभागार में गुरुवार दोपहर करीब पौने दो बजे से मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़, जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, जीडीए सचिव विवेक कुमार मिश्रा, फाइनेंस कंट्रोलर अशोक कुमार वाजपेयी, अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह समेत जीडीए बोर्ड सदस्य उपस्थित रहे। जीडीए सभागार में हुई बोर्ड बैठक मेंं मेरठ मंडल के मंडलायुक्त एवं जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी ने राजनगर एक्सटेंशन के मोरटी में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास एरोसिटी बसाने के लिए रखे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से क्रिकेट स्टेडियम के आसपास हॉल,कॉम्प्लेक्स समेत अन्य कॉमर्शियल योजनाएं विकसित की जा सकेगी। मोरटी में प्रस्तावित 38 एकड़ भूमि में बनने वाला यह स्टेडियम जीडीए और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के संयुक्त उपक्रम के तहत पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर निर्माण कराया जाएगा। जीडीए और यूपीसीए के ज्वाइंट वेंचर में बनने वाला यह क्रिकेट स्टेडियम न केवल अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करेगा, बल्कि इसके आसपास विकसित होने वाली एरोसिटी क्षेत्र की तस्वीर भी बदल देगी। योजना के तहत होटल,रिटेल शॉपिंग, फूड कोर्ट, कन्वेंशन सेंटर और एंटरटेनमेंट जोन विकसित किए जाएंगे,ताकि एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों को एक ही स्थान पर ठहरने, खाने-पीने और खरीदारी की सुविधा मिल सकें। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास के क्षेत्र में एरोसिटी थीम पर आधारित टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। साथ ही राजनगर में अंतरराष्ट्र्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाने के प्रस्ताव को सहमति दी गई। जीडीए अध्यक्ष भानु चंद्र गोस्वामी ने जीडीए अधिकारियों को निर्देशित किया कि तुलसी निकेतन योजना के पुनर्विकास,अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम,एरोसिटी टाउनशिप एवं हिंडन तटबंध परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। इसमें पारदर्शिता,वित्तीय अनुशासन एवं जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने पर जोर दिया।

राजनगर एक्सटेंशन को स्पोट्र्स क्षेत्र के रूप मेंं विकसित करने की प्लानिंग
जीडीए बोर्ड बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के आसपास एरोसिटी विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाने के बाद इस बार राजनगर एक्सटेंशन को खेल (स्पोट्र्स)क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। जीडीए बोर्ड बैठक से मंजूरी मिलने के बाद क्रिकेट स्टेडियम बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। जीडीए इसके लिए फिजिबिल्टी सर्वे कराएगा,ताकि यह देखा जा सके कि अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पीपीपी मॉडल पर तैयार कराया जाता है,तो उससे जीडीए को क्या फायदा होगा। वहीं,स्टेडियम के आस एरोसिटी थीम पर टाउनशिप विकसित करने के लिए बोर्ड से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। जीडीए अब इस क्षेत्र में प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम के आसपास की भूमि जुटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके लिए सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे में यह देखा जाएगा कि इस टाउनशिप को कितने क्षेत्र में विकसित किया जाए। साथ ही यह किस तरह की योजनाएं लाई जा सकती है। जिसका स्टेडियम समेत टाउनशिप को अधिक लाभ हो सके।जीडीए अधिकारी बताते हैं कि इस सर्वे के बाद ही पूरी प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार हो सकेगी। यह सर्वे जल्द शुरू किया जाएगा।

खेल और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

जीडीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास ऐसी टाउनशिप विकसित करेगा,जहां खेल और पर्यटन को सबसे अधिक लाभ मिल सके। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास ही वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स,होटल,घूमने और खरीदारी करने के लिए बड़े-बड़े शॉपिंग मॉल,रेस्टोरेंट,अस्पताल,रिटेल जोन,संस्थागत क्षेत्र,खेल एकेडमी,स्कूल समेत अन्य कई तरह के प्रोजेक्ट आ सकते हैं,ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके। यहां आवासीय परिसर,स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट,मल्टीलेवल पार्किंग,हरित क्षेत्र आदि आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित होंगे। इससे जीडीए द्वारा नक्शा स्वीकृत किए जाने आय भी बढ़ेगी। साथ ही राजनगर एक्सटेंशन को नई पहचान मिल सकेगी। यह टाउनशिप जीडीए की नई टाउनशिप हरनंदीपुरम से करीब पांच से सात किलोमीटर दूर होगी। यह परियोजना निवेश आकर्षित करने,रोजगार सृजन करने एवं गाजियाबाद को एक आधुनिक शहरी गंतव्य के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।

बाढ़ नियंत्रण में मदद के साथ जाम से मिलेगी राहत
जीडीए बोर्ड बैठक में राजस्व ग्राम अटौर के पास हिंडन नदी के दाहिने तट पर बंधा निर्माण करने के लिए भूमि अधिग्रहण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इस जमीन का अधिग्रहण कर यहां बंधा का निर्माण किया जाएगा। कई किलोमीटर लंबे बंधा बनने के बाद इस क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण में मदद मिलेगी। वहीं, इस बंधा के साथ ही यहां बंधा रोड भी विकसित की जाएगी। यह मार्ग राजनगर एक्सटेंशन के अटौर गांव के पास से पाइप लाइन तक बनाई जाएगी।
तुलसी निकेतन में पीपीपी मॉडल पर तैयार होंगे नए फ्लैट: जीडीए की गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक मेंं इस प्रस्ताव को भी पास किया गया। जिसमेंं तुलसी निकेतन योजना में 288 एलआईजी भवन और 2004 ईडब्ल्यूएस भवन तथा 60 दुकानों की जर्जर अवस्था से लोगों को जल्द ही जर्जर मकान की जगह नए फ्लैट मिलेंगे। इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 के तहत इन्हें पीपीपी मॉडल पर दोबारा से विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी हैं। इसमेंं आधुनिक बहुमंजिला आवासीय मकान,पार्किंग,आंतरिक सड़कें,विद्युत व्यवस्था, जलापूर्ति एवं ग्रीन बेल्ट को विकसित किया जाएगा।

भू-उपयोग के ये प्रस्ताव मंजूर

जीडीए बोर्ड बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव मंजूर किए गए। इसमें मोरटा में 1.2050 हेक्टेयर क्षेत्रफल को कार्यालय भू-उपयोग से आवासीय करने को मंजूरी दी गई। ग्राम डासना में भूमि को हाई-वे फैसिलिटी/कृषि भू-उपयोग से संस्थागत भू-उपयोग में परिवर्तन किया। ग्राम अबूपुर में कृषि से सार्वजनिक एवं अद्र्ध-सार्वजनिक सुविधाएं में भू-उपयोग को परिवर्तन किया। कोयल एंक्लेव आवासीय योजना में गु्रप हाउसिंग भूखंड की जगह भूखंड में मांचित्र में आंशिक संशोधन को मंजूरी दी गई। इंद्रप्रस्थ योजना में में सात मीटर की जगह 12 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो(एफएआर)देने पर सहमति दी गई।

बजट पास, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट के चयन को स्वीकृति मिली

जीडीए बोर्ड बैठक में जीडीए के वित्तीय वर्ष-2026-27 के बजट को भी स्वीकृत कर दिया गया। बैठक में ब्योरा दिया गया। इसमें वित्तीय वर्ष-2025-26 के पुनरीक्षित बजट में कुल आय 2,71,771 लाख तथा कुल व्यय-1,97,695 लाख प्रस्तावित किया गया था। जनवरी तक 2,09,319.69 लाख की आय व व्यय 1,02,280.37 लाख किया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष-2026-27 के प्रस्तावित बजट में कुल आय 3,49,640 लाख एवं कुल व्यय 3,28,700 लाख के प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया। जीडीए बोर्ड बैठक में यह पास हुए प्रस्ताव:जीडीए की विभिन्न परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट(पीएमयू) के चयन को स्वीकृति मिली है। 15 सिविल इंजीनियरों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति और तीन वर्ष के लिए विशेषज्ञ कंसलटेंट एजेंसी का चयन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। विशेषज्ञ परियोजनाओं के लिए अधिकतम तीन वर्ष के लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंट्स की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई। महायोजना-2031 के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों के भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।अवैध निर्माण के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई के लिए भूतपूर्व सैनिकों एवं होमगार्ड की सेवाएं लेने के व्यय का अनुमोदन दिया गया। 1228 अविकसित और रिक्त आवासीय इकाइयों को बेचने की स्वीकृति के बाद लगभग 40,850 लाख का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।