अब लैंड बैंक बनाएगा जीडीए, प्रयास शुरू

भू-माफिया को जोर का झटका देने की तैयारी

गाजियाबाद। भू-माफिया के चंगुल से अपनी भूमि को कब्जा मुक्त कराने और अधिग्रहण शेष भूमि को एकत्र कर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अब लैंड बैंक बनाएगा। लैंड बैंक तैयार करने के बाद नई आवासीय योजनाओं की प्लानिंग की जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने इस संबंध में प्रवर्तन जोन और अभियंत्रण खंड के इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं। लैंड बैंक का प्रयोग जीडीए की ओर से शहर के विकास से जुड़ी नई-नई योजनाओं को लाने में होगा। लैंड बैंक के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बनाए जा सकेंगे। जीडीए उपाध्यक्ष का पूरा फोकस जहां अधूरी योजनाओं का पूरा कराने पर है, वहीं जीडीए सीमा क्षेत्र में अपनी भूमि को खोजने के लिए प्लानिंग की गई है। जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी प्रवर्तन जोन प्रभारियों को कब्जे वाली भूमि का ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जीडीए के सभी 8 जोन में कब्जे वाली जमीन का पूर्ण ब्योरा तैयार होने के बाद भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बड़ी संख्या में ऐसी भी जमीन है, जिन पर कोर्ट में मुकदमें चली रहे हैं। कोर्ट में मजबूत पैरवी कर उनका निस्तारण कराया जाएगा। जमीन को कब्जा मुक्त कराकर नई योजनाएं लाने का खाका तैयार किया जाएगा। बता दें कि जीडीए की पूर्व में 18 एकड़ जमीन पर कब्जा होने की रिपोर्ट तैयार की गई थी, मगर इससे अधिक करीब 355 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा है। ऐसे में भू-माफिया से जमीन कब्जा मुक्त कराने के लिए जीडीए प्रयास तेज करेगा। जीडीए की जिन योजनाओं में जमीन का अवार्ड होने के बाद भी कब्जा नहीं लिया गया, उन भूमि को लेकर किसान कोर्ट चले गए। ऐसी जमीन मुख्य रूप से जीडीए की इंद्रप्रस्थ योजना, प्रताप विहार, नंदग्राम, इंदिरापुरम, गोविंदपुरम, स्वर्ण जयंतीपुरम आदि योजनाओं में है। जीडीए के जोन में कब्जे वाली जमीन को तीन श्रेणियों में बांटकर कार्रवाई की जा रही है। पहली श्रेणी में ऐसी जमीन शामिल हैं, जहां आबादी अब बस चुकी है। ऐसे में जमीन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी। दूसरी श्रेणी में ऐसी जमीनें शामिल हैं, जहां कोर्ट में विवाद चल रहा हैं। कोर्ट में लंबित इन जमीनों का पहले अवार्ड हो चुकी जमीन और दूसरी में अन्य तरह की मुकदमे वाली जमीन के रूप में चयनित किया गया है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने बताया कि अवॉर्ड वाली जमीन का केस कोर्ट में है। लेकिन यह केस मुआवजे की राशि पर चल रहे हैं। ऐसे में अवार्ड वाली जमीन पर कब्जा लिया जाएगा। इन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए अदालत में पुरजोर तरीके से पैरवी की जाएगी।