ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश सरकार ने वार्षिक बजट में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का भी ध्यान रखा है। एविएशन इनोवेशन एंड रिसर्च सेंटर के साथ जेवर एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1365 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है। उप्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 1022-23 के बजट में विमानन क्षेत्र में आगे बढऩे की दिशा को निर्धारित किया है। जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। पहला चरण 1334 हेक्टेयर में पूर्ण होगा। इसका निर्माण स्विट्जरलैंड की कंपनी कर रही है।
भारत में कार्य करने को स्विस कंपनी ने एसपीवी बनाई है। एसपीवी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड इस काम को आगे बढ़ा रही है। यूपी सरकार ने वार्षिक बजट में जेवर एयरपोर्ट का उल्लेख किया है। सरकार ने कहा है कि जेवर एयरपोर्ट को एविएशन इनोवेशन एंड रिसर्च सेंटर के साथ विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इसके लिए किसानों से सहमति ली जा रही है।
दूसरे चरण में एविएशन इनोवेशन और रिसर्च सेंटर भी बनाया जाएगा। इसके अलावा विमानों का रख-रखाव भी होगा। इसमें मेंटेनेंस व रिपेयरिंग का काम होगा। इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। विमानों की मरम्मत और रख-रखाव के लिए अभी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। जेवर में एमआरओ विकसित होने के बाद इस मामले में भी आत्मनिर्भरता आएगी।















