यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में होगा 308 करोड़ का निवेश

1400 से ज्यादा नागरिकों को मिलेगा रोजगार
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संस्थागत एवं औद्योगिक भूखंड आवंटित

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संस्थागत एवं औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया। इससे यीडा क्षेत्र में 308 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर 1400 से ज्यादा जरूरतमंदों को रोजगार मिलेगा। यमुना प्राधिकरण ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए भी भूखंड आवंटित करने का निर्णय लिया है।

यीडा क्षेत्र में संस्थागत एवं औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत शुक्रवार को वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से संस्थागत एवं औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। मेगा इंवेस्टमेंट के तहत नामी औद्योगिक संस्थान मै. यूफ्लैक्स लि. को सेक्टर-32 में 10 एकड़ का औद्योगिक भूखंड आवंटित किया गया। मेगा तथा सुपर मेगा श्रेणी में अंतरराष्ट्रीय ख्याति की परियोजनाओं को भूमि आवंटित की जाती है। संस्थान द्वारा प्रस्तावित इकाई में 275 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर 850 रोजगार का सृजन होगा। यूफ्लैक्स अंतरराष्ट्रीय स्तर की इकाई है। इस इकाई की यूएई, मैक्सिको, इजिप्ट, नाइजीरिया, रशिया, हंगरी आदि देशों में भी शाखाएं हैं।

इसके अलावा मैसर्स मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रा. लि. फिरोजाबाद को सेक्टर-20 में 5 हजार वर्ग मीटर का भूखंड आवंटित किया गया। इस भूमि पर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। संस्थान द्वारा इस प्रोजेक्ट में करीब 20 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे करीब 500 नागरिकों को रोजगार मिलेगा। यीडा क्षेत्र में हॉस्पिटल की स्थापना से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसी क्रम में समाजसेवी संस्था नोएडा लोकमंच को 2 हजार वर्ग मीटर का भूखंड ओल्ड ऐज होम के लिए आवंटित किया गया है। संस्था द्वारा इस परियोजना पर 5.6 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है।

खुलेगा सीनियर सेकेंडरी स्कूल
यमुना प्राधिकरण ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए सेक्टर-22 ई में भूखंड आवंटित करने का निर्णय लिया है। श्री विले पार्ले केलावानी मंडल, मुंबई को यह भूखंड दिया गया है। यीडा ने इसके पहले सेक्टर-22 ई में ही इस संस्थान को विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए भूखंड आवंटित किया था। यह संस्था भारत के सबसे बेहतरीन मैनेजमेंट कॉलेज का संचालन करती है। भूखंड आवंटन प्रक्रिया के दौरान यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।