यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बंपर रोजगार की गारंटी

पौने 3 लाख नागरिकों को मिलेगा रोजगार
4 साल में 15 हजार करोड़ का रिकॉर्ड निवेश

ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में पिछले 4 साल में बंपर निवेश देखने को मिला है। इस अवधि में 15 हजार करोड़ का निवेश आने से जरूरतमंदों को भी रोजगार मिला है। कोरोना संक्रमण काल में जिस समय बेरोजगारी का संकट चरम पर था, उस वक्त भी यीडा क्षेत्र में पौने 3 लाख नागरिकों को रोजगार मिलने की संभावना बढ़ी है। इससे यमुना प्राधिकरण की छवि भी चमकी है।

सूबे में योगी सरकार आने के बाद से अब तक 1946 औद्योगिक इकाइयों को भूमि का आवंटन किया गया। इसमें से 189 बड़ी इकाइयां हैं, जिन्हें 4 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा भूमि जमीन दी गई है। इससे 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है। इसके अलावा 2.75 लाख से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिला सकेगा। इसमें 40 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को नौकरी मिल सकेगी। जेवर एयरपोर्ट की तमाम प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब सिर्फ शिलान्यास शेष है। जेवर एयरपोर्ट के कारण यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निवेशकों का रुझान बढ़ा है। इसका फायदा प्राधिकरण ने भी उठाया है। वहां पर औद्योगिक इकाइयां आने के लिए उत्सुक हैं। यमुना प्राधिकरण में क्षेत्र में देश-विदेश की औद्योगिक कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है।

2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस इलाके में निवेश बढ़ा बढ़ा है। तब से लेकर अब तक 1946 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की गई है। इसमें से 189 बड़ी इकाइयां हैं। इन कंपनियों को 4000 वर्ग मीटर से अधिक जमीन आवंटित की गई है। इस आवंटन से यह 15537 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसके अलावा करीब 2.75 लाख नागरिकों को रोजगार मिल सकेगा। यमुना प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को 40 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को नौकरी देने का शपथ पत्र लिया है। यानी इन इकाइयों में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। यीडा क्षेत्र में पिछले साल 1 अप्रैल से अब तक 1259 औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है। इसमें से 177 बड़ी कंपनियां हैं। अकेले कोरोना महामारी में ही 8000 करोड रुपए का निवेश हुआ है। यह प्राधिकरण के लिए बड़ी उपलब्धि है। यमुना प्राधिकरण ने निवेशकों को लुभाने के लिए महत्वपूर्ण काम किया है। पहली बार औद्योगिक कलस्टर बसाने की पहल की गई।

निवेश सेल के प्रभारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क आदि की योजना निकाली और उन्हें भूमि का आवंटन किया। वीवो मोबाइल इंडिया प्रा.लि., यंगटांग इलेक्ट्रानिक टेक्नोलॉजी इंडिया प्रालि, बॉडीकेयर, मतांड लिमिटेड, देव फार्मेसी, बीईसी कनडक्टस प्रा.लि., क्वालिटी बिल्डिकॉन, राज कारपोरेशन लि., गलवानो इंडिया प्रा.लि., अरिहंत, रॉमसंस साइंटिफिक एंड सर्जिकल इंडस्ट्रीज प्रा.लि., बीकानेरवाला फूडह्यस प्रा.लि., हल्दीराम स्नैक्स प्रा.लि., होलास्टिक इंडिया लिमिटेड आदि कंपनियों ने रूचि दिखाई है।

उधर, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि यीडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश के लिए कंपनियां आगे आई हैं। कोरोना काल में भी इस क्षेत्र में निवेश के लिए कंपनियों को भूमि आवंटित की गई है। इन कंपनियों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।