गाजियाबाद। लिंक रोड पुलिस, यातायात पुलिस व उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की टीम द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर अवैध तरीके से संचालित की जा रही तीन फर्जी रोडवेज बसों को गिरफ्तार कर मालिक समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि द्वारा विभिन्न अभियान चलाकर अपराध और अपराधियों पर लगाम कसी जा रही है। इसी क्रम में ऑपरेशन 420 के तहत लिंक रोड थाना प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, यातायात निरीक्षक बबलू प्रसाद गुप्ता और परिवहन विभाग सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक ब्रम्ह प्रकाश, बुकिंग लिपिक विनोद कुमार, गोपाल कुमार की संयुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह कार्रवाई करते हुए फर्जी रोड पर बस चलाकर सरकार को राजस्व का चूना लगाने वाले (मालिक) राहत अली पुत्र हाजी रियासत अली निवासी इस्लाम नगर, (मालिक) राजेन्द्र कुमार पुत्र गिरधारी लाल निवासी हापुड़, चालक रईस पुत्र अहमद सईद निवासी मरेठ, परिचालक जावेद पुत्र आबिद निवासी परतापुर मेरठ, चालक आरिफ पुत्र अकबर अली निवासी हापुड, अफजाल पुत्र शरीफ निवासी मुरादनगर, शान मोहम्मद पुत्र अब्दुल हकीम निवासी मेरठ को कौशाम्बी बस डिपो के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से तीन बस बरामद किया गया है। आरोपित उत्तर प्रदेश परिवहन रोडवेज बसों की तरह ही प्राइवेट बसों पर स्लोगन एवं मोनोग्राम आदि बनाकर कौशांबी रोडवेज बस डिपो के पास से सवारियों को भ्रमित करते हुए आवाज लगाकर बिठा लेते थे। जिस पर यात्री सामान्यत: रोडवेज बस में बैठ जाते थे। बाद में उन्हें टिकट की जानकारी करने पर उन्हें पता चलता था कि यह रोडवेज बस नहीं है। बसों के मालिकों, चालकों व परिचालकों द्वारा रोडवेज के उसी रंग रूप से संचालित पर यात्रियों को धोखा देकर इनके द्वारा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही थी एवं अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था।
फोटो न: 3
















