– कोमा में है जीडीए की आर्थिक स्थित, कर्मचारियों को सैलरी देने में भी अक्सर आती है परेशानी
– शहर के विकास की योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा पूरा
उदय भूमि ब्यूरो
गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) की आर्थिक स्थिति को सुधारना प्राथमिकता है। आर्थिक हालत सुधारने के साथ-साथ विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी और विकास से संबंधित योजनाएं समय से पूरा हों, इस पर जोर दिया जाएगा। उदय भूमि समाचार पत्र के साथ विशेष बातचीत में जीडीए के नवनियुक्त उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हर उन पहलुओं पर बारीकी से ध्यान दिया जाएगा जिसकी वजह से जीडीए की माली हालत खराब हुई है। खामियों को दूर किया जाएगा और संपत्तियों की बिक्री सहित अन्य माध्यमों से आमदनी बढ़ाई जाएगी। जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि कामचोर, लापरवाह व भ्रष्ट अधिकारियों को सुधरना होगा। भ्रष्टाचार में संलिप्तता के सबूत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जीडीए के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को यह समझना होगा कि संस्था का हित सर्वोपरि है और उसके लिए ही सबको काम करना होगा।
विदित हो कि पिछले काफी समय से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण नकारात्मक खबरों की वजह से चर्चाओं में रहा है। भ्रष्टाचार, जिम्मेदार अधिकारियों की मनमानी एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सुस्ती सहित अन्य कारणों से जीडीए की साख काफी खराब हुई है। प्रवर्तन सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों में योग्यता के अनुसार तैनाती नहीं होने का असर रहा कि अवैध निर्माण रोकने में जीडीए असफल साबित हुआ। बकायेदारों के साथ दोस्ताना व्यवहार का असर जीडीए की आमदनी पर पड़ा। स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई बार कर्मचारियों को वेतन देने के लिए वित्त विभाग को संघर्ष करना पड़ना। कर्मचारियों को समय से तनख्वाह नहीं मिलने और बकाये की वसूली नहीं होने का असर विकास योजनाओं पर पड़ा। नवनियुक्त उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश के समक्ष इन समस्याओं से निपटना और जीडीए की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना एक चुनौती है। 2011 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्णा करूणेश की गिनती प्रदेश के तेज तर्रार अधिकारियों में होती है। वह हापुड़ और बलरामपुर के डीएम रहने से पूर्व गाजियाबाद के सीडीओ भी रहे हैं। जीडीए की वर्तमान दशा को सुधारने और उनकी पुरानी कार्यशैली को देखते हुए उन्हें जीडीए उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
जीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि मधुबन-बापूधाम योजना में आवासीय एवं व्यवसायिक भूखंडों की स्कीम निकालने के साथ ही विकास कार्य तेजी से कराए जाएंगे। किसानों की सहमति से 281 एकड़ की पूरी जमीन पर कब्जा लिया जाएगा। इस जमीन को अधिग्रहित करने के लिए जिला प्रशासन को पहले ही जीडीए द्वारा 1200 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत किसानों को मुआवजा बांटा जाएगा। जिला प्रशासन के पास 100 करोड़ रुपए पेंडिंग हंै। इसको जल्द रिलीज करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। जीडीए सीमा क्षेत्र में अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने के अलावा सभी 8 जोन अंतर्गत अवैध निर्माण को चिन्हित कर उसकी सूची तैयार करने के लिए सभी 8 जोन के प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। आर्थिक स्थिति को सुधारा जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी स्थिति ना आये कि अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी देने में दिक्कत आये। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने कहा कि नया बस अड्डा शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन से लेकर रेलवे स्टेशन तक रोप-वे की प्लानिंग की गई है। अधिकृत कंपनी द्वारा फिजिबिलिटी स्टडी कर ली गई है। इसका प्रजेंटेशन भी किया गया है। फिजिबिलिटी रिपोर्ट आने के बाद रोप-वे विकसित करने की प्लानिंग की जाएगी। शहर के विकास की योजना इस प्रकार से बनाई जाएगी कि विकास के साथ-साथ जीडीए की आर्थिक हालात भी मजबूत बने।
















