दिल्ली हिंसा : सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

नई दिल्ली। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दरम्यान हिंसा और राष्ट्रीय ध्वज की अवमानना का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की गई है। इसके अलावा याचिका कर्ता ने कोर्ट से अपील की है कि वह एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे। नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने मंगलवार को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाली थी। रैली के दौरान नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाकर जगह-जगह बवाल किया था। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 300 से ज्यादा जवान घायल हो गए। कुछेक स्थानों पर पुलिस जवानों को ट्रैक्टर से कुलचने की कोशिश की गई। यही नहीं कुछ किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ लाल किला में जबरन घुसकर वहां धार्मिक झंडा लगा दिया था। किसानों ने दिल्ली की सड़कों पर कई घंटे तक अराजकता फैलाई थी। इस प्रकरण में अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल की है। याचिका में कोर्ट से सेवानिवृत्त जजों की 3 सदस्यीय कमेटी बनाने और 26 जनवरी की घटना की न्यायिक जांच की मांग की गई है। उधर, दिल्ली पुलिस लाल किले पर हुई हिंसा की जांच के लिए आईबी और केंद्रीय एजेंसियों की सहायता ले रही है। दिल्ली क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल से जांच कराए जाने की संभावना है। उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हेतु गृह मंत्रालय अब कानून मंत्रालय की मदद भी ले रहा है। लाल किले पर उपद्रव की घटना से गृह मंत्रालय बेहद गंभीर है। पुलिस अधिकारियों को उपद्रवियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त घटना में घायल पुलिस कर्मियों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में हिंसा ग्रस्त क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। इन क्षेत्रों में फिलहाल हालात काबू में हैं। जरूरत पडऩे पर और भी पैरामिलिट्री फोर्स की तैनात की जाएगी।