आबकारी दुकानों के आवंटन में अब नहीं चलेगी सिफारिश! उत्तर प्रदेश में आज से शुरू हुई पारदर्शी ई-लॉटरी व्यवस्था

-पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीकी सुरक्षा के साथ होगा आवंटन: डॉ. आदर्श सिंह
-519 देशी मदिरा, कम्पोजिट और मॉडल दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, 11 जून तक किए जा सकेंगे आवेदन
-नई आबकारी नीति से बढ़ेगा राजस्व, सरल होगी प्रक्रिया और सभी आवेदकों को मिलेगा समान अवसर

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में देशी मदिरा, कम्पोजिट तथा मॉडल श्रेणी की अव्यवस्थित एवं नवसृजित कुल 519 फुटकर दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार से ई-लॉटरी प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इच्छुक आवेदक अब पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। यह व्यवस्था प्रदेश सरकार की पारदर्शी प्रशासनिक प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि नई आबकारी व्यवस्था के अंतर्गत फुटकर मदिरा दुकानों का आवंटन पूर्णत: इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और सभी आवेदकों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में दुकानों के आवंटन को लेकर विभिन्न प्रकार की आशंकाएं और शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब तकनीक आधारित इस व्यवस्था से मानवीय हस्तक्षेप की संभावनाएं समाप्त होंगी तथा पूरी प्रक्रिया विश्वास और पारदर्शिता के साथ संपन्न होगी। डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया आज से विभागीय पोर्टल पर प्रारम्भ कर दी गई है।

इच्छुक व्यक्ति निर्धारित समयावधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 11 जून 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने सभी आवेदकों से अपील की कि आवेदन करने से पहले विभाग द्वारा निर्धारित नियमों, शर्तों और पात्रता संबंधी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन अवश्य कर लें, ताकि बाद में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अत्यंत सुरक्षित बनाया है। आवेदन से लेकर लॉटरी निकालने तक प्रत्येक चरण को डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार के पक्षपात या अनियमितता की संभावना नहीं रहेगी। विभाग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी आवेदकों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाती रहे, जिससे वे प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें। आबकारी आयुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा केवल दुकानों का आवंटन करना नहीं है, बल्कि आबकारी व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और जनविश्वास आधारित बनाना भी है।

नई प्रणाली से जहां एक ओर राजस्व संग्रहण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिसमें प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्राप्त हो। डॉ. आदर्श सिंह के अनुसार नई व्यवस्था के लागू होने से विभागीय कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा। डिजिटल माध्यम अपनाने से समय की बचत होगी, अभिलेखों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा तथा आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आबकारी व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। ई-लॉटरी प्रणाली उसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह व्यवस्था न केवल पारदर्शी शासन के सिद्धांत को मजबूत करेगी, बल्कि तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि साबित होगी।

आबकारी विभाग ने सभी इच्छुक आवेदकों से समय रहते आवेदन करने का अनुरोध किया है। विभाग का मानना है कि नई प्रणाली से आवंटन प्रक्रिया में निष्पक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा राज्य सरकार के राजस्व को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही यह व्यवस्था प्रदेश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन के मॉडल को और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रदेश सरकार की इस पहल को आबकारी क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगी, बल्कि आम नागरिकों और आवेदकों के बीच विश्वास का वातावरण भी मजबूत करेगी। ऐसे में आगामी दिनों में ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होने वाला यह आवंटन प्रदेश की नई आबकारी नीति का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।