खुले में कचरा फेंकने वालों पर निगम का चला चाबूक

पिछले 2 माह में नियमों का उल्लंघन करने पर एक हजार प्रतिष्ठानों को भेजा नोटिस

गाजियाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के पहले चरण में गाजियाबाद नगर निगम ने बेहतर प्रदर्शन किया है। दूसरे चरण में भी ऐसा हो, इसके लिए खुले में कचरा फेंकने वालों पर सख्ती की जाएगी। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट-2016 के तहत प्रतिष्ठान, सोसायटी या कोई अन्य समूह जहां पर सौ किलो से अधिक कचरा रोजाना निकलता है, उन्हें कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी भी खुद उठानी है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। पिछले 2 माह में नियमों का उल्लंघन करने पर एक हजार प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजा जा चुका है। 125 प्रतिष्ठानों को रिमाइंडर भेजा गया है। अब भी सुधार न करने पर संबंधित प्रतिष्ठान, सोसायटी या समूह पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। शहर में होटलों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, मगर कचरा निस्तारण के मामले में नामचीन होटल भी लापरवाही बरत रहे हैं। अम्बेडकर रोड, बजरिया, राकेश मार्ग, आरडीसी से लेकर इंदिरापुरम और वसुंधरा में इन होटलों में भी कचरे का निस्तारण नियम के तहत नहीं किया जा रहा है। शेष खाना नाले, नालियों अथवा डलाव घर में फेंका जा रहा है। ऐसे होटलों पर भी सख्ती की जाएगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार ने बताया कि कचरे का निस्तारण प्रत्येक सोसाइटी में हो, इसके लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। मेरठ रोड स्थित माइलस्टोन सोसाइटी और आनंदम विला में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बैठक भी हो चुकी है। इसी तरह शहर की सभी सोसाइटियों के रेजीडेंटस वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।