डीएम ने पांच लेखपालों से मांगा स्पष्टीकरण
गाजियाबाद। जनपद में आय प्रमाण पत्र बनाने में लेखपालों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। गलत प्रमाण पत्र बनाए जाने से आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जान-बूझकर गलत प्रमाण पत्र जारी कर दिए जाते हैं। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय के निर्देश पर पांच लेखपालों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला मुख्यालय स्थित ब्लैक बॉक्स में इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के मुताबिक लेखपाल आय प्रमाण पत्र बनाते वक्त किसी योजना के कट ऑफ के अंतर्गत निर्धारित सीमा से ज्यादा राशि जैसे 5 हजार मासिक आय के स्थान पर जान-बूझकर 5100 मासिक आय की रिपोर्ट लगा देते हैं ताकि लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित हो जाएगा। इस प्रकार लेखपाल ऐसे प्रकरण अपने पास रिपोर्ट लगाने के नाम पर एकत्र कर लेते हैं, जिससे आवेदक चक्कर लगाएं और उत्कोच देकर कार्य कराएं। डीएम के निर्देश पर उप-जिलाधिकारी लोनी, मोदीनगर एवं सदर ने अपनी तहसील में कार्यरत लेखपालों के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा में तहसील लोनी में तैनात लेखपाल रामौतार शर्मा, राहुल राठी व राम सिंह बिरदी एवं तहसील सदर से लेखपाल प्रमोद कुमार शर्मा एवं बिजेंद्र कुमार को शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। इन पांचों लेखपालों से स्पटीकरण मांगा गया है। डीएम पांडेय का कहना है कि सभी सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करें ताकि सरकारी योजना का लाभ आमजन को मिल सके।
















