अवैध निर्माण के खिलाफ जीडीए सख्त, प्रभावी कार्रवाई की तैयारी

उपाध्यक्ष ने जारी किया टोल फ्री नंबर, करिए शिकायत

गाजियाबाद। शहर में अवैध निर्माण से निपटने को जीडीए ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश का कहना है कि अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए प्रभावी योजना बनाई गई है। जीडीए के सभी 8 जोन अंतर्गत निर्धारित तारीख पर अवैध निर्माण ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अवैध निर्माण से लेकर जीडीए की जमीन पर कब्जा करने वालों की टोल फ्री नंबर-18001801117 पर शिकायत की जा सकती है। जीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त रूख अपना रखा है। उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, जीडीए के जिस प्रवर्तन जोन में अवैध निर्माण की शिकायत मिलेगी, उस क्षेत्र के प्रवर्तन जोन के अभियंताओं के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी प्रवर्तन जोन प्रभारियों को चेतावनी जारी कर दी गई है। जीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माण और जमीन पर कब्जा करने की शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। टोल फ्री नंबर पर दर्ज होने वाली शिकायतों की निगरानी भी खुद करेंगे। बता दें कि जीडीए द्वारा शहर में अब तक कुल 12,005 अवैध निर्माण चिन्हित किए गए हैं। वर्तमान में इन अवैध निर्माण की संख्या-692 है। इन अवैध निर्माण के सापेक्ष 3,870 के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। कई मामलों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। मगर पुलिस ने इन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की। वर्तमान में 8,649 मामले लंबित हैं। जीडीए के प्रवर्तन जोन प्रभारियों द्वारा वर्तमान में 117 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करूणेश ने अवैध निर्माण की शिकायत सही पाए जाने पर जहां जीडीए के प्रवर्तन जोन-8 के सुपरवाइजर, 3 वर्कमेट कर्मचारी को निलंबित कर दिया है, वहीं प्रवर्तन जोन-8 के अवर अभियंता शिवओम त्यागी और प्रवर्तन जोन-4 के अवर अभियंता अशोक अरोड़ा के निलंबन की संस्तुति के लिए शासन को पत्र भेजा है। जीडीए उपाध्यक्ष अब प्रत्येक अवैध निर्माण की निगरानी खुद करा रहे हैं। जीडीए के एक प्रवर्तन जोन की दूसरे प्रवर्तन जोन के इंजीनियरों से जांच कराई जा रही है। इससे अवैध निर्माण के कुछ मामले संज्ञान में आए हैं। वहीं, जीडीए उपाध्यक्ष के आदेश पर सचिव संतोष कुमार राय ने प्रवर्तन अनुभाग में लंबे समय से तैनात प्रभारी को हटाकर दूसरे जोन में तैनात किया है। जीडीए ओएसडी संजय कुमार को प्रवर्तन जोन-1 से हटाकर इन्हें प्रवर्तन जोन-8 का प्रभारी बनाया है। इससे पूर्व इनसे भू-अर्जन अनुभाग, कंप्यूटर अनुभाग का चार्ज हटाया गया था। वहीं, जीडीए के अधिशासी अभियंता आलोक रंजन को प्रवर्तन जोन-3 का प्रभारी बनाया गया है। इनके अलावा सहायक अभियंता राकेश कुमार सिंह को प्रवर्तन जोन-8 का सहायक अभियंता बनाया गया हैं। सहायक अभियंता आरके सिंह का कहना है कि वह जीडीए में सबसे वरिष्ठ सहायक अभियंता है। इसलिए इन्हें प्रवर्तन जोन का प्रभारी बनाया जाए।
शहर में चिन्हित अवैध निर्माण
प्रवर्तन जोन-1 में 610 अवैध निर्माण, वर्तमान में चिन्हित-18 निर्माण,प्रवर्तन जोन-2 में 795 निर्माण, चिन्हित-49 निर्माण, प्रवर्तन जोन-3 में 2250 अवैध निर्माण, चिन्हित-152 निर्माण,प्रवर्तन जोन-4 में 2,194 निर्माण, चिन्हित-156 निर्माण, प्रवर्तन जोन-5 में अवैध निर्माण-529,चिन्हित-43निर्माण,प्रवर्तन जोन-6 में 2128 निर्माण, चिन्हित-133 निर्माण,प्रवर्तन जोन-7 में 1606 अवैध निर्माण, चिन्हित-40 निर्माण,प्रवर्तन जोन-8 में कुल 1893 अवैध निर्माण, वर्तमान में चिन्हित किए गए अवैध निर्माण-101 निर्माण शामिल हैं। जीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन जोन प्रभारियों का दूसरे जोन में ट्रांसफर किया गया हैं। टोल फ्री नंबर पर कोई भी अवैध निर्माण,अतिक्रमण की शिकायत दे सकते हैं। इसके बाद अवैध निर्माण का फीडबैक लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी।