आर्थिक शोषण का मुकाबला करने को तैयार
वॉशिंगटन। अमेरिका ने चीन को साफ शब्दों में सख्त संदेश दिया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा है कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने को वह तैयार हैं। चीन की चुनौतियों से निपटने को अमेरिका कतई पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि देशहित में बीजिंग के साथ मिलकर काम करने से भी नहीं हिचकिचाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति के संदेश को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों को फॉगी बॉटम मुख्यालय में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि चीन के आर्थिक शोषण का मुकाबला करने को अमेरिका तैयार है। मानवाधिकारों, बौद्धिक संपदा और वैश्विक शासन पर चीन के हमले को कम करने हेतु दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका के हित में हम बीजिंग के साथ मिलकर काम करने को भी तैयार हैं। हम अपने सहयोगियों तथा भागीदारों के साथ काम कर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अपनी भूमिका को नया रूप देंगे। अपनी विश्वसनीयता एवं नैतिक अधिकार को पुन: प्राप्त कर देश के भीतर स्थिति बेहतर बनाने को काम करेंगे। जो बाइडेन ने कहा कि हमने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की भागीदारी बहाल करने और साझा चुनौतियों पर वैश्श्कि कार्रवाई को उत्प्रेरित करने की खातिर नेतृत्व की स्थिति में आने के लिए काम आरंभ कर दिया। इसके पहले अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने पत्रकारों से बातचीत में अपनी प्राथमिकता पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा था कि गोल्डमैन सैक्स (निवेश बैंकिंग) के लिए चीन में पहुंच प्राप्त करना नहीं है। हमारी प्राथमिकता चीन के आर्थिक शोषण से निपटना है, जिससे अमेरिकी नौकरियां और अमेरिकी कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं। बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका और चीन के रिश्तों में बेहद कड़वाहट आ गई थी। डोनाल्ड ट्रंप ने समय-समय पर खुले मंच से चीन की आलोचना करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।















