डबल मर्डर में घायल मासूम बच्ची की उपचार के दौरान मौत
गाजियाबाद। मसूरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरस्वती विहार में शनिवार की रात में रिश्तेदार अम्मा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर महिला और युवती की सिलबट्टे और पिस्टल से गोली मारकर की गई हत्या के बाद बुरी तरह से घायल हुई 7 वर्षीय बच्ची मीनाक्षी भी मंगलवार की सुबह अस्पताल में मौत से जंग हार गई। तीन दिन से वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही मीनाक्षी ने मंगलवार की सुबह करीबसाढ़े 5 बजे दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सिहानी गेट थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा ने टीम के साथ बच्ची का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया। इस दोहरे मर्डर के वक्त बच्ची ने काफी संघर्ष किया था। हत्यारोपी उमा के बाल कसकर पकड़ लिए थे,लेकिन सोनू और इसके साथी के सामने इसकी एक न चली। हत्यारोपी ने गर्दन से पकड़ कर इस मासूम बच्ची को फर्स पर पटक दिया था। इसके बाद आरोपी ने चाकू से इसकी गर्दन पर वार करने के बाद कनपटी पर पेचकस मार दिया था। उसी समय से इस बच्ची को शहर के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था। पुलिस ने हालांकि मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने पर सोनू और उमा को गिरफ्तार कर अगले दिन ही जेल भेज दिया था। सोमवार की रात एक बार मीनाक्षी को होश आया और थोड़ी ही देर बाद वह फिर अचेत हो गई। मंगलवार की तड़के उसने दम तोड़ दिया। शनिवार की रात में सरस्वती विहार में रहने वाले लोकमन सिंह जादौन के घर में उनकी ही एक रिश्तेदार महिला उमा ने अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था।उमा के प्रेमी सोनू ने लोकमन सिंह की बहू डॉली और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आई पड़ोस में रहने वाली किशोरी अंशू को गोली मार दी थी। वहीं, डॉली के तीनों बच्चों पर भी जानलेवा हमला किया था। इनमें से मीनाक्षी(7)की हालत नाजकु बनी हुई थी,जबकि बाकी दोनों बच्चों गौरी (10) और रुद्र (5) की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हालांकि, डॉक्टरों ने इन्हें खतरे से बाहर बताया हैं। जिला एमएमजी महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. संगीता गोयल ने बताया कि घायल मीनाक्षी की अवस्था पहले दिन से ही काफी गंभीर थी और पिछले तीन दिन से आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। तीन डॉक्टरों की टीम उसके इलाज में जुटी हई थी। लड़की के गले की नस कट चुकी थी। उसके लिए सर्जरी भी की गई थी, लेकिन खून की लगातार कमी के चलते लड़की में कमजोरी काफी आ गई थी और मंगलवार की तड़के मीनाक्षी ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही सिहानी गेट पुलिस ने आरोपितों के घर के बाहर पुलिस बल की तैनाती कर दी है। सिहानी गेट थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण गोपाल शर्मा ने बताया कि अम्मा और सोनू पीले क्वॉर्टर में रहते है। एक बार पहले भी आरोपियों के घर पर कुछ लोग हमला कर चुके हैं। ऐसे में दोबारा इस तरह की कोई बात ना हो, इसके लिए बच्ची की मौत के बाद उनके घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई हैं।
















