फिल्मी अंदाज में बाइक सवार बदमाश ने वारदात को दिया अंजाम
मुरादनगर। नया नूरगंज कॉलोनी में शुक्रवार को दिन-दहाड़े बाइक सवार बदमाश ने फिल्मी अंदाज में ई-रिक्शा चालक (तांत्रिक) की तलवार से ताबड़-तोड़ वार कर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देकर आरोपी तलवार को हवा में लहरा कर फरार हो गया। इसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं, आस-पास के नागरिकों का कहना है कि जिस तरह से बदमाश ने बेहरहमी से हत्या की है, उससे आशंका है कि किसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, एसपी देहात ने हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 टीमों का गठन किया है।
नया नूरगंज कॉलोनी में सुफी आस मौहम्मद (50) अपनी पत्नी शमीम, पुत्र जान मौहम्मद, शान, परवेज, जावेद, आदिल व आयशा के साथ रहता था। आस मौहम्मद ई-रिक्शा चलाकर एवं तांत्रिक का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करता था। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व वह अचानक लापता हो गया था। जिसकी गुमशुदगी भी उस समय थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन 15 दिन बाद भी वह वापस आने के बाद उसने यहां ई-रिक्शा चलाना शुरू किया था। वह तंत्र-मंत्र व झांड़-फूंक का भी काम करता था। उसके पास अपना इलाज कराने के लिए काफी लोग आते थे। परिजनों के अनुसार तीन साल पहले आस मौहम्मद ने यह काम बंद कर दिया था। अब वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का लालन-पालन कर रहा था। शुक्रवार सुबह वह ई-रिक्शा लेकर बाजार में किसी काम से गया था।
करीब दस बजे काले कपड़े पहने बाइक सवार बदमाश आकर रूके। बदमाशों ने आस मौहम्मद को बाहर आने के लिए आवाज लगाई। लेकिन उनका पुत्र जान मौहम्मद बाहर आया और बताया कि वह तो बाजार गए हैं। इसके बाद बदमाश ने जान मौहम्मद से फोन कराकर आस मौहम्मद को घर बुलाया। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब आस मौहम्मद ई-रिक्शा से वापस घर की ओर आ रहा था तभी बदमाश ने उसे रास्ते में दबोच लिया और बाइक से तलवार निकाल कर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बदमाश करीब 20 मिनट तक लगातार तलवार से हमला करते रहे। खुद को बचाने के लिए आस मौहम्मद ने काफी कोशिश की, मगर वह कामयाब नहीं हो पाया। घटना को अंजाम देकर आरोपी बाइक पर बैठकर और तलवार को हवा में लहराते हुए पाइप लाइन वाले रास्ते की और फरार हो गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
लोगों की खामोशी ले गई आस मौहम्मद की जान
घटना के समय जब बदमाश ने तलवार से आस मौहम्मद पर हमला करना शुरू किया तो वह चिल्लाता रहा और मदद के लिए लोगों को बुलाता रहा। लेकिन लोग सिर्फ तमाशबीन बनकर घरों में छिपकर सारी घटना को देखते रहे। किसी ने भी आस मोहम्मद को बचाने के लिए हिम्मत नही जुटाई। अगर स्थानीय लोगों ने घटना का विरोध या फिर थोड़ी सी हिम्मत हमलावर के सामने जुटाई होती तो शायद आस मौहम्मद की भी जान बच सकती थी और हमलावर भी पुलिस की गिरफ्त में होते।
जल्द होगा मामले का खुलासा
मृतक के पुत्र जान मौहम्मद की तहरीर के आधार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कॉलोनी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर कब्जे में ले ली गई है। पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर हत्या की जांच कर रही है। मृतक की दूसरी पत्नी अपने 2 बच्चों के साथ मसूरी क्षेत्र में रहती है। मामला रंजिशन है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व वह अचानक लापता हो गया था। जिसमें वह अपनी दूसरी पत्नी के साथ रह रहा था। जल्द घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। डॉ. ईरज राजा, एसपी देहात गाजियाबाद















