दादरी। एनटीपीसी के रसूलपुर डासना गांव में बुधवार को पंचायत आयोजित की गई। पंचायत में ग्रामीणों ने एनटीपीसी की रेल रोकने की चेतवानी दी। रेल रोकने के बाद जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। एनटीपीसी से प्रभावित किसान काफी समय से विभिन्न मांग उठा रहे हैं। इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है। नतीजन किसानों को पंचायत कर सख्त रूख अपनाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। लगभग 3 दशक पहले एनटीपीसी ने क्षेत्र के दर्जनभर गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया था। इस प्रोजेक्ट में लगभग 2300 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया था। किसानों का आरोप है कि उस समय सिर्फ 182 किसान परिवार के सदस्यों को एनटीपीसी में नौकरी मिल पाई थी। मुआवजा राशि इतनी कम थी कि जो अल्प समय में ही समाप्त हो गई। इसके बाद से प्रभावित किसान ग्रटर नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर मुआवजा इत्यादि की मांग कर रहे हैं। इसके चलते किसानों ने अब रसूलपुर डासना गांव के मंदिर पर पंचायत की। पंचायत में किसानों ने फैसला लिया कि अगर एनटीपीसी मुआवजा और नौकरी की मांगों को नहीं मानती है तो 26 मार्च को एनटीपीसी को कोयला आपूर्ति करने वाली रेल को रोका जाएगा। रेल रोकने के बाद किसान जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।















