शारदा विवि में महिला सशक्तिकरण पर सेमिनार
ग्रेटर नोएडा। शारदा विश्वविद्यालय में बुधवार को महिला सशक्तिकरण पर सेमिनार आयोजित की गई। सेमिनार में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा रहीं। उन्होंने कहा कि जब तक हम घर में महिलाओं को बराबरी का हक और दर्जा नहीं देंगे तब तक सशक्तिकरण की बात अधूरी रहेगी। इसके लिए बेटियों को शिक्षित करने के अलावा उन्हें जरूरी सुविधाएं देने की आवश्यकता है। उनके शिक्षित होने से घरेलू हिंसा और अन्य प्रकार के अपराध पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के सशक्तिरण की शुरूआत घर से होती है। यदि घर में लिंग भेद समाप्त हो जाए तो हर महिला समाज में अच्छी सोच के साथ चल सकती है। आयोग की सदस्य डॉ. राजुलबेन एल देसाई ने महिलाओं को प्रतिदिन होने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। डीसीपी वृंदा शुक्ला ने महिला अपराध पर अनुभव साझा किए। उन्होंने छात्राओं से नागरिकों को शिक्षित करने की अपील की। विवि के प्रो चांसलर वाई के गुप्ता ने कहा कि नारी स्वाबलंबन का सबसे बढ़िया और सटीक उदाहरण शारदा विवि है। इसका नाम ही मेरी मां के नाम पर है। यहां कुछ प्रमुख पदों पर महिलाएं बखूबी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही हैं। उप कुलपति प्रो. सिबाराम खारा ने बताया कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक क्षेत्र में बराबर का भागीदार बनाएं। भारतीय महिलाओं का सशक्तिकरण काफी हद तक भौगोलिक और सामाजिक एकता पर निर्भर करता है। स्कूल आॅफ लॉ के डीन प्रो. प्रदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हम लोग अपने जिले में ज्यादा से ज्यादा फैमिली डिस्प्यूट रेडेसल क्लीनिक खोलेंगे ताकि महिलाओं को डोर स्टेप पर कानूनी सहायता प्राप्त हो सके। इससे उनका समय और धन की बचत होगी।
















