गौतमबुद्धनगर। होली पर्व रंगों का त्यौहार होता है। देशभर में यह पर्व प्रतिवर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार यह पर्व 2 दिन मनाया जाता है। पहले होलिका दहन किया जाता है। अगले दिन रंग वाली होली खेली जाती है। हिंदू पंचांग के मुताबिक होली का त्यौहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। होलिका दहन के दिन लकड़ी की पूजा कर उसकी परिक्रमा की जाती है। होली का दहन के समय कुछ ऐसी चीजें डालने का प्रचलन है, जिससे घर के संकट दूर होते हैं और परिवार में खुशियां आती हैं। श्री मनोज कृष्ण शास्त्री (महाराज) कहते हैं कि इस बार फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 28 मार्च 2021 रविवार को है इसलिए होलिका दहन 28 मार्च को होगा और रंगों वाली होली उसके अगले दिन 29 मार्च सोमवार को खेली जाएगी। होली के पावन पर्व पर भगवान विष्णु का ध्यान करने से आपके जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। कहा जाता है कि होली के त्यौहार पर भगवान नरसिंह का ध्यान करने से उन्नति के नए मार्ग बनते हैं। एक मिट्टी का कलश लें। इसमें ग्यारह मिर्च के दाने डाल दें।
इस कलश को होली की पावन अग्नि में डालकर हाथ जोड़कर प्रार्थना करें। ऐसा करने से परिवार के सभी संकट दूर होंगे और घर में खुशियां आएंगी। मनोज कृष्ण शास्त्री ने बताया होलिका दहन के अगले दिन होलिका दहन की भस्म पूरे घर में छिड़क दें और परिवार के सभी सदस्यों के माथे पर भस्म का टीका लगा दें। ऐसा करने से सभी नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाएगा और आपकी उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। अगर किसी कन्या को विवाह में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है या कोई भी महिला अपने पारिवारिक जीवन में बहुत दुखी है, तो एक चुटकी सिंदूर लेकर होलिका दहन में डाल दें। यह काम बिना किसी को बताए करना है। ऐसा करने से रूके काम बनेंगे और पति-पत्नी के बीच प्यार बढ़ेगा। छोटी होली की रात को गोबर के उपले लें। इन्हें किसी रस्सी से बांधकर अपने घर के बाहर लटका दें। ऐसा करने से घर के अंदर मौजूद सभी नकारात्मक शक्तियां बाहर निकल जाएंगी और धन-धान्य में वृद्धि होगी।
महालक्षमी मंत्र का जाप:
सिद्धि बुद्धि प्रदे देवी भक्ति मुक्ति प्रदायनी!
मंत्र मुर्ते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते!!
महालक्षमी के इस मंत्र का जाप कर होलिका दहन की पवित्र अग्नि की 7 परिक्रमा करें। ऐसा करने से आपके घर में धन-धान्य में वृद्धि होगी।
















