राया हेरिटेज सिटी के लिए डीपीआर का प्रजेंटेशन

मथुरा से आगरा तक कॉरिडोर की कवायद तेज

ग्रेटर नोएडा। मथुरा से आगरा तक हेरिटेज कॉरिडोर विकसित किया जाना है। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने इसके लिए कवायद तेज कर दी है। राया हेरिटेज सिटी की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। निजी फर्म ने बुधवार को यमुना प्राधिकरण में डीपीआर का प्रजेंटेशन दिया। 12 मई को विभाग को डीपीआर मिल जाएगी। मथुरा से आगरा के बीच हेरिटेज कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके मद्देनजर राया में पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु हेरिटेज सिटी विकसित होनी है। इसका जिम्मा यमुना प्राधिकरण को सौंपा गया है। 9350 हेक्टेयर में से 731 हेक्टेयर सिर्फ पर्यटन के लिए विकसित होगा। यमुना प्राधिकरण ने हेरिटेज सिटी की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी कोल्डवेल बैंकर्स रिचर्ड एलिस (सीबीआरई) साउथ एशिया प्रा.लि. को दे रखी है। यह एजेंसी काफी समय से रिपोर्ट पर काम कर रही है। इसके रियल एस्टेट, होटल, पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यक्तियों के अलावा ब्रज विकास परिषद इत्यादि से वार्ता के उपरांत ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार की है गई। ड्राफ्ट रिपोर्ट के मुताबिक मथुरा में हॉस्पिटेलिटी के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। पर्यटकों के ठहरने, खाने-पीने के लिए होटल रिसॉर्ट की कमी है। पर्यटकों के ठहरने के लिए सिर्फ गेस्ट हाउस की सुविधा है। इनमें पर्याप्त संसाधन नहीं है। सड़क, बिजली-पानी, ट्रांसपोर्ट आदि की सुविधाएं भी कम बेहतर हंै। पर्यटन के नाम पर सिर्फ धार्मिक स्थल हैं, इसलिए पर्यटक क्षेत्र में अधिक समय तक नहीं ठहरते हैं। एजेंसी ने धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक, एडवेंचर आदि से जुड़े पर्यटन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है। वियतनाम व मलेशिया के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक शहरों के आधार पर हेरिटेज सिटी के लिए सुझाव दिए गए हैं। एजेंसी ने होटल, रिसार्ट, वेलनैस, कन्वेंशन सेंटर इत्यादि विकसित करने, एडवेंचर, हेरिटेज पर्यटन हेतु जरूरी ढांचा तैयार करने आदि का भी सुझाव दिया है। सीबीआरई ने बुधवार को यमुना प्राधिकरण में डीपीआर का प्रजेंटेशन दिया। 12 मई तक प्राधिकरण को डीपीआर मिल जाएगी। इसके बाद योजना पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है। उधर, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह का कहना है कि डीपीआर की फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद योजना पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।